NCLT ने जी एंटरटेनमेंट को EGM बुलाने का आदेश दिया, पुनीत गोयनका की हो सकती है छुट्‌टी

मुंबई- जी एंटरटेनमेंट और पुनीत गोयनका की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी हफ्ते में जी को EGM बुलाने के लिए घोषणा करनी होगी। अगर शेयरधारकों ने इन्वेस्को का साथ दिया तो जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज के MD पुनीत गोयनका की छुट्‌टी हो सकती है।   

NCLT ने जी एंटरटेनमेंट को आदेश दिया है कि वह 3 अक्टूबर से पहले एक्स्ट्रा आर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाए। NCLT में इस मैटर की सुनवाई 4 अक्टूबर को होनी है। उससे पहले ही NCLT ने यह फैसला दे दिया है। अब (EGM)  में इन्वेस्को पुनीत गोयनका को हटाने की मांग करेगी। साथ ही नए बोर्ड सदस्यों को नियुक्त करने की कोशिश करेगी।  

अगर शेयरधारकों ने इन्वेस्को का साथ दिया तो पुनीत गोयनका की छुट्‌टी इस (EGM) में तय है। अगर ऐसा हो जाता है तो सोनी पिक्चर्स के साथ जी की डील भी अटक जाएगी। उधर जी एंटरटेनमेंट के शेयर में तीन दिनों से लगातार गिरावट जारी है। गुरुवार को शेयर 302 रुपए पर बंद हुआ, जो पिछले हफ्ते 357 रुपए तक चला गया था।  

नियम के अनुसार, अगर कोई कंपनी किसी कंपनी में 10% से ज्यादा की निवेशक है और वह EGM बुलाने के लिए नोटिस देती है, तो कंपनी को 3 हफ्ते के अंदर EGM बुलानी होती है। जी एंटरटेनमेंट में सबसे बड़े निवेशक इन्वेस्को ने बुधवार को (NCLT) में मामला दायर किया था। NCLT की मुंबई बेंच में इस केस को सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है।  

जी एंटरटेनमेंट में इन्वेस्को की 18% के करीब हिस्सेदारी है। इन्वेस्को ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस का मुद्दा उठाते हुए EGM बुलाने की मांग की थी। इन्वेस्को ने पहले 11 सितंबर को EGM के लिए नोटिस दिया था। जी को यह नोटिस 12 सितंबर को मिला था। EGM में इन्वेस्को शेयरधारकों से यह पूछ सकती है कि वह जी एंटरटेनमेंट के MD पुनीत गोयनका को हटाने के लिए वोट करें। साथ ही 6 नए स्वतंत्र निदेशकों को जी के बोर्ड पर नियुक्त करने के लिए वोट करें।   

इन्वेस्को ने जिस दिन EGM बुलाने का नोटिस दिया था, उसी दिन जी एंटरटेनमेंट के दो स्वतंत्र निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया था। 22 सितंबर को जी के बोर्ड ने यह कहा कि वह सोनी पिक्चर्स के साथ मर्जर कर रहा है। इस मर्जर को अगले 90 दिनों में पूरा किया जाएगा। तब तक मर्जर से जुड़े प्रोसीजर पर काम होगा। 

जी एंटरटेनमेंट में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 4.77% जबकि फंड हाउसेज और दूसरे निवेशकों की हिस्सेदारी 95.23% है। इनमें म्यूचुअल फंड के पास 3.77%, विदेशी निवेशकों के पास 67.72% और LIC के पास 4.89% हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, ग्लोबल असेट मैनेजमेंट कंपनी होने के नाते इन्वेस्को, विदेशी निवेशकों को अपने पक्ष में मोड़ सकती है। ऐसे में डील में पेंच फंस सकता है। जुलाई 2019 में इन्वेस्को ने कंपनी में 11% हिस्सेदारी खरीदने के लिए जी एंटरटेनमेंट के प्रमोटर्स के साथ डील की थी। यह सौदा 400 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 4,224 करोड़ रुपए में हुआ था।  

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