पश्चिम बंगाल में 200 से ज्यादा कंपनियां बेनामी मिलीं, आईटी विभाग का खुलासा

मुंबई- इनकम टैक्स विभाग (IT Department) ने पश्चिम बंगाल में विभिन्न परिसरों में की गई तलाशी में 200 से ज्यादा संस्थाओं का पता लगाया है, जो अलग-अलग व्यक्तियों की बेहिसाब इनकम की देखरेख करने के लिए कई बैंक अकाउंट ऑपरेट कर रही हैं। एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी गई। टैक्स अधिकारियों को परिसर से सभी बैंक अकाउंट का मैनेजमेंट करने वाले एक एंट्री ऑपरेटर के सबूत मिले हैं। 


बयान में कहा गया है कि एक एंट्री ऑपरेटर एक ऐसी यूनिट है, जो फर्जी लेनदेन करती है, जिसका इस्तेमाल गलत करने वालों की तरफ से किताबों में हेराफेरी करने में किया जाता है। इन डॉक्यूमेंट की शुरुआती जांच के आधार पर, ऐसा लगता है कि इन बैंक अकाउंट्स और संस्थाओं का इस्तेमाल कई लाभार्थियों की बेहिसाब आय के रूप में किया गया है।

बयान में कहा गया है कि विभाग ने शुक्रवार को एक स्टील निर्माता पर तलाशी और जब्ती अभियान भी चलाया, जिससे विभिन्न परिसरों से आपत्तिजनक दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों का पता चला। तलाशी में 25 परिसरों को शामिल किया गया, जिसमें हाउसिंग और ऑफिस की जगह के साथ-साथ कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल और पुरुलिया और पश्चिम बंगाल के दूसरे इलाकों में कई कारखाने भी शामिल थे। 

साथ ही, बेहिसाब आय को गैर-जमानती लोन के रूप में इस्तेमाल करने और शेल संस्थाओं के शेयरों की बिक्री के बारे में सबूत मिले हैं, हालांकि बेहिसाब आय का लेयरिंग की गई है। विभाग ने कहा कि निर्माण समूह से संबंधित इस तरह के आपत्तिजनक सबूतों के कुल अमाउंट, 700 करोड़ से ज्यादा है। 

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