निवेशक आईपीओ में इमोशन के आधार पर नहीं, रिसर्च के आधार पर निवेश करें- सेबी

मुंबई- सेबी चेयरमैन की तरफ से IPO निवेशकों के लिए एक सलाह आई है जिसमें उन्होंने कहा है कि रिटेल निवेशक इमोशन में आकर नहीं रिसर्च के आधार पर आईपीओ में निवेश करें। सीआईआई के फाइनेंशियल मार्केट समिट में उन्होंने कहा कि बाजार से अभी और रिटेल निवेशक जुड़ेंगे। T+1 सेटलमेंट मार्केट के सभी भागीदारों के लिए फायदेमंद होगा।  

उन्होंने कहा कि प्राइमरी मार्केट की प्राइस डिस्कवरी उतनी पारदर्शी और सही नहीं होती जितना की सेकेंडरी मार्केट की होती है। रिटेल निवेशकों को सेकेंडरी मार्केट पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। क्योकि सेकेंडरी मार्केट के बारे में ज्यादा जानकारियां उपलब्ध होती हैं। 

सेबी के चेयरमैन ने ये भी बताया कि वित्त वर्ष 2021 में आईपीओ के जरिए 46,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। वहीं पिछले 18 महीने के दौरान टेक्नोलॉजी कंपनियो ने आईपीओ के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। अजय त्यागी ने ये भी बताया कि सेबी में 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए पेपर दाखिल हैं। 

गौरतलब है कि सेकेंडरी मार्केट में आई जोरदार रिकवरी और इकोनॉमी में रिवाइवल के साथ ही भारतीय बाजार में आईपीओ की झड़ी लग गई। 2021 में अब तक 41 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 64,244 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें से 16 स्टॉक ऐसे हैं जो अपने इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2022 में अब तक आईपीओ के जरिए लगभग उतने पैसे जुटाए जा चुके हैं, जितने पूरे वित्त वर्ष 2021 में जुटाए गए थे। 

साल 2021 के सब्सिक्रिप्शन और लिस्टिंग के नजरिए से देखें तो 2021 के अधिकांश आईपीओ सफल कहे जा सकते हैं, लेकिन पिछले कुछ लोग इस बात से सहमत नहीं है। पिछले 5 साल के आईपीओ के आंकड़ों से पता चलता है कि प्राथमिक बाजार से जुटाया गया अधिकांश पैसा ऑफर फॉर सेल के जरिए आया है। इसका मतलब ये है कि आईपीओ से आया अधिकांश पैसा कंपनियों के प्रमोटरों और शेयरधारकों की जेब में गया है। इस पैसे का इस्तेमाल विस्तार योजनाओं में नहीं हुआ है। जिससे कि इकोनॉमी और आम शेयरधारकों को फायदा नहीं मिला है। 

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