शेयर्स को बेचने पर 1 दिन में ही मिलेगा पैसा, जनवरी 2022 से लागू होगा नियम

मुंबई- सेबी ने बड़ा फैसला किया है। शेयरों में होने वाले कारोबार को 1 दिन में ही सेटल कर दिया जाएगा। इसे सेबी T+1 (ट्रेड+1 दिन) के रूप में पेश किया गया है। यह नियम जनवरी 2022 से लागू होगा। हालांकि यह सेटलमेंट प्लान वैकल्पिक है।  

देश में अप्रैल 2003 से T+2 सेटलमेंट साइकल चल रहा है। उससे पहले देश में T+3 सेटलमेंट साइकिल चल रहा था। भारत में सभी स्टॉक सेटलमेंट अभी कारोबारी दिन के दो दिन बाद (T+2) के आधार पर होता है। जब आप शेयर बेचते हैं, तो वो शेयर तुरंत ब्लॉक हो जाता है और उसका पैसा आपको दो दिन बाद मिलता है। पर आपको यह पैसा अब एक ही दिन में मिल जाएगा। 

सेबी के नए सर्कुलर के मुताबिक, कोई भी स्टॉक एक्सचेंज सभी शेयरधारकों के लिए किसी भी शेयर के लिए T+1 सेटलमेंट साइकल चुन सकता है। हालांकि सेटलमेंट साइकल बदलने के लिए कम से कम एक महीना पहले नोटिस देना होगा। सेबी ने यह भी कहा है कि स्टॉक एक्सचेंज किसी भी शेयर के लिए अगर एक बार T+1 सेटलमेंट साइकल चुन लेगा तो उसे कम से कम 6 महीने तक जारी रखना होगा।  

सेबी ने कहा है कि अगर स्टॉक एक्सचेंज बीच में T+2 सेटलमेंट साइकिल चुनना चाहता है तो उसे एक महीना पहले नोटिस देना होगा। सेबी ने यह साफ कर दिया है कि T+1 और T+2 में कोई फर्क नहीं किया जाएगा। यह स्टॉक एक्सचेंज पर होने वाले सभी तरह के ट्रांजैक्शन पर लागू होगा।  

अगस्त 2021 की शुरुआत में सेबी ने एक्सपर्ट्स का एक पैनल बनाया था। इसमें मौजूदा T+2 साइकिल की जगह T+1 साइकल लागू करने की प्रक्रिया की मुश्किलों पर रिपोर्ट पेश करनी थी।  

सेबी ने सर्कुलर में कहा कि मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस जैसे स्टॉक एक्सचेंज, क्लीयरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटर्स के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। फैसले के मुताबिक, स्टॉक एक्सचेंज के पास यह सुविधा होगी कि वह T+1 या T+2 सेटलमेंट साइकल में से कोई भी ऑफर करे। 

सेबी के पास कई एप्लिकेशन आए थे जिसमें सेटलमेंट साइकल को छोटा करने की मांग कई गई थी। इसी आधार पर सेबी का नया नियम तैयार किया गया है। सेबी ने यह भी कहा है कि T+1 और T+2 सेटलमेंट के बीच किसी मीटिंग की अनुमति नहीं होगी। सेबी ने कहा कि स्टॉक एक्सचेंजेस, क्लीयरिंग कॉरपोरेशंस और जमाकर्ताओं को वैकल्पिक आधार पर T+1सेटलमेंट साइकल को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उचित प्रणालियां और प्रक्रियाएं लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। इसमें संबंधित बाईलॉज़, रूल्स एंड रेगुलेशन्स में आवश्यक बदलाव शामिल हैं। 

शेयर व्यापारियों ने कहा कि एक छोटा सेटलमेंट साइकल ज्यादा सुविधाजनक होगा क्योंकि यह पैसे के रोटेशन में तेजी लाएगा। एसोसिएशन ऑफ नेशनल एक्सचेंज के सदस्यों ने पिछले महीने T+1सेटलमेंट सिस्टम को लेकर चिंता जताई थी। कई विदेशी ब्रोकरेज ने सेबी से यह भी कहा कि ऑपेरशन और तकनीकी मुद्दों को संबोधित किए बिना T+1 को लागू नहीं किया जाना चाहिए। 

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