सेंसेक्स को 31 हजार तक जाने में 31 साल लगे, अब 17 महीनों में 31 हजार बढ़ा

मुंबई– बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स मार्च 2020 के अपने निचले स्तर से अब तक 31 हजार अंक बढ़ चुका है। 31 हजार बढ़ने में सेंसेक्स को केवल 17 महीने लगे। जबकि पहले 31 हजार के आंकड़े को छूने में सेंसेक्स को 31 साल लगे थे। 

मार्च 2020 में सेंसेक्स 25,981 पर था। अब यह 57,552 अंक पर पहुंच गया है। सेंसेक्स को पहली बार 31 हजार का लेवल तय करने में 31 साल लगे थे। सेंसेक्स की शुरुआत 1986 में हुई थी। इसने पहली बार 31 हजार के आंकड़े को साल 2017 में छुआ था। निफ्टी ने सबसे कम समय में 1 हजार की बढ़त हासिल किया है। 16 से 17 हजार तक जाने में निफ्टी को केवल 28 दिन लगे हैं।  

इस 17 महीने में सेंसेक्स की 30 कंपनियों का मार्केट कैप 122% बढ़ा, जबकि BSE का कुल मार्केट कैप इस दौरान 140% बढ़ा। 24 मार्च 2020 को सेंसेक्स 25,638 का निचला स्तर छुआ था। तब से अब तक हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 32% बढ़ा है।  

ITC का शेयर इसी दौरान 39% बढ़ा है। हालांकि यह अनुमान की तुलना में कम बढ़ा है। नेस्ले इंडिया का शेयर इस दौरान 45% बढ़ा है। कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, NTPC, मारुति सुजुकी और पावर ग्रिड जैसे सेंसेक्स-30 के शेयर 48 से 60% तक बढ़े हैं। इसी दौरान डॉ.रेड्‌डीज लैब का शेयर 63% जबकि HDFC लिमिटेड का शेयर 83% बढ़ा है। बजाज ऑटो का शेयर 92% बढ़ा है।  

सेंसेक्स-30 के शेयरों में टाइटन, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (TCS), HDFC बैंक, एशियन पेंट्स का शेयर 100-120% बढ़ा है। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में केवल तीन कंपनियों ने ही निवेशकों को बहुत ज्यादा रिटर्न दिया है। टाटा स्टील का शेयर 429% बढ़ा जबकि बजाज फिनसर्व का शेयर 268% और इंडसइंड बैंक का शेयर 221% बढ़ा है। BSE स्माल कैप इंडेक्स इस दौरान 202% बढ़ा है। स्माल कैप इंडेक्स 8,877 अंक पर बंद हुआ है।  

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 10 हजार से 11 हजार जाने में इसे 6 महीने लगे थे। 11 से 12 हजार जाने में 16 महीने, 12 से 13 हजार जाने में 18 महीने और 13 से 14 हजार जाने में 1 महीना लगा था। 14 से 15 हजार जाने में निफ्टी को 1 महीना लगा। जबकि 15 से 16 हजार तक जाने में इसे 6 महीने और 16 से 17 हजार जाने में महज 28 दिन लगा है।  

विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को बाजार में 3,881 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था। यानी 22,832 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे और 18,951 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। जबकि 30 अगस्त को इन निवेशकों ने 1,202 करोड़ रुपए का निवेश किया था।  

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