ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम में 10 हजार रुपए महीने का SIP बना 1.08 करोड़ रुपए

मुंबई- निवेश लंबे समय का हो तो बेहतरीन फायदा होता है। उदाहरण यह है कि ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम में पिछले 17 सालों में अगर किसी ने 10 हजार रुपए महीने का निवेश किया होगा तो वह रकम आज 1.08 करोड़ रुपए हो गई। यानी सालाना 17.5% CAGR की दर से रिटर्न मिला है। 

CAGR मतलब चक्रवृद्धि ब्याज दर के हिसाब से रिटर्न मिलता है। SIP मतलब सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। यह सुविधा म्यूचुअल फंड में होती है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम को अगस्त 2004 में लॉन्च किया गया था। यह म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पुराने वैल्यू फंड में से एक है जिसने 17 साल पूरा किया है। इस स्कीम के पास निवेशकों का पैसा यानी असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जुलाई 2021 तक 21,195 करोड़ रुपए रहा। 

वैल्यू कैटेगरी में कुल (AUM) का 30% हिस्सा ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम के पास है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि अगर किसी ने इस स्कीम की स्थापना (2004) के समय इसमें 1 लाख रुपए का निवेश किया होगा तो वह रकम अब 22.13 लाख रुपए हो गई है। यानी 20.03% का सालाना रिटर्न रहा है। इसी समय में निफ्टी 50 टीआरआई ने 15.91% की दर से रिटर्न दिया है जिसमें 1 लाख की वैल्यू केवल 12.24 लाख रुपए रही। 

फंड के 17 साल पूरा होने पर कंपनी के एमडी निमेश शाह ने कहा कि लंबे समय में इस स्कीम ने संपत्ति में अच्छी बढ़त की है। जब बाजार का वैल्यू अच्छा हो और बाजार अच्छा करने की स्थिति में हो तो लंबे समय तक निवेश का फायदा मिलता है। म्यूचुअल फंड में SIP एक बेहतर निवेश का साधन है। पिछले तीन सालों से ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम ने सभी मार्केट कैपिटलाइजेशन में निवेश किया है। इसमें ज्यादातर लॉर्ज कैप शेयरों पर फोकस किया गया है। लॉर्ज कैप में औसतन 71.24% का निवेश रहा है। मिड और स्माल कैप में 13.58% और 3.42% का निवेश रहा है। इसके पोर्टफोलियो में इन तीन सालों में 18 स्टॉक मुख्य रहे हैं, जिनका कुल पोर्टफोलियो में 51.91%  हिस्सा रहा है।  

दरअसल वैल्यू डिस्कवरी स्कीम बाजार के तीनों मार्केट कैप वाले शेयरों में निवेश करती है। इसमें लॉर्ज कैप, मिड कैप और स्माल कैप होते हैँ। यही कारण है कि लंबी अवधि में यह स्कीम बेहतर फायदा देती है। क्योंकि शेयरों का प्रदर्शन लंबे समय में अच्छा रहता है। म्यूचुअल फंड के जरिए स्टॉक में निवेश से फायदा यह है कि फंड का प्रबंधन ऐसे फंड मैनेजर करते हैं जिनके पास सालों से इसी काम का अनुभव रहता है।  

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