मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज की दिक्कत और बढ़ी, सांसद ने वित्तमंत्री को लिखा पत्र

मुंबई- मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (MSE) की दिक्कतें और बढ़ती नजर आ रही है। शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने इस मामले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। इस पूरे मामले की जांच की मांग उन्होंने की है।  

माना जा रहा है कि संसद के इस सत्र में यह मामला उठ भी सकता है। अरविंद सावंत ने बुधवार को वित्तमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज के ढेर सारे शेयर धारकों ने सेबी और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास शिकायतें फाइल की हैं। यह शिकायत एक्सचेंज की एमडी लतिका कुंडू और साकेत भंसाली के खिलाफ हैं। सावंत ने निर्मला सीतारमण से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है और साथ ही एक्शन लेने की भी मांग की है।    

बता दें कि मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (MSE) की फॉरेंसिंक ऑडिट का आदेश पिछले दिनों सेबी ने दिया था। यह फॉरेंसिक ऑडिट अर्नस्ट एंड यंग को करने को दिया गया है। एक्सचेंज की प्रबंध निदेशक (MD) लतिका कुंडू के खिलाफ अनियमितताओं, कुप्रबंधन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के बारे में कई शिकायतें शेयरधारकों ने की थी। जब शिकायतों में दम नजर आया तो भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने हाल ही में फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है और इसके लिए अर्नेस्ट एंड यंग की नियुक्ति की गई है। 

इस मामले में एक्सचेंज को ईमेल भेजा गया था, लेकिन एक्सचेंज ने ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। उल्टे एक्सचेंज ने आरोप लगाया कि यह सामग्री किसी और वेबसाइट की है। जबकि अर्थलाभ के पास वित्तमंत्री को भेजे गए पत्र और शेयरधारकों की शिकायत, दोनों के पत्र हैं। 9 पेज के लेटर में शेयरधारकों ने काफी सारे आरोप लगाए हैं। इसमें यह भी आरोप है कि पिछले 6 सालों से एक्सचेंज के प्रदर्शन में कमी आई है और साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि 150 लाख रुपए का नुकसान लतिका कुंडू से रिकवर किया जाए।  

अर्नेस्ट एंड यंग को इसी तरह के ऑडिट का आदेश सेबी ने वर्ष 2018 में भी एक्सचेंज के लिए दिया था। 2018 में शेयर मार्केट रेगुलेटर सेबी ने MSE में फ्रॉड और अनियमितता के बारे में जांच की थी। यह जांच तब शुरू की गई, जब दो अज्ञात लोगों ने शिकायत की थी। यह शिकायत गवर्नेंस, मिस मैनेजमेंट और फंड के ट्रांसफर के मामले में थी। इसी संबंध में उस समय वित्त राज्यमंत्री राधाकृष्णन ने लोकसभा में जवाब दिया था। 

राधाकृष्णन ने कहा था कि आरोपों की जांच सेबी द्वारा की जा रही है और इसके लिए MSE के गवर्निंग बोर्ड द्वारा एक पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर्स (PID) का गठन होगा जो इन सभी आरोपों की जांच करेगा। इस कमिटी की सलाह पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायत में अज्ञात लोगों ने एक्सचेंज के उस समय के MD एवं CEO उदय कुमार पर भी आरोप लगाया था। कुमार को उस समय छुट्‌टी पर भेज दिया गया था। 

MSE के मौजूदा शेयरधारकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, SBI, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, 45000 से अधिक माइनॉरिटी स्टेकहोल्डर्स, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशक और अन्य संस्थाएं शामिल हैं। लतिका कुंडू को मार्च 2020 में एक्सचेंज का नया MD बनाया गया था। 

इसी साल 2 मार्च 2021 को उनके और साकेत भंसाली (CFO, हेड कॉरपोरेट कम्युनिकेशन) के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के तहत मुंबई के तिलक नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई थी। इस मामले में उन्हें सेशन कोर्ट से राहत मिली है। यह मामला भारतीय तिरंगे को लेकर था। MSE शेयरधारकों को आशंका है कि अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा किया गया ऑडिट उचित नहीं होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि लतिका कुंडू कार्यालय में अब भी बनी हुई हैं और उन्हें छुट्टी पर नहीं भेजा गया है।  

(अगली कड़ी में पढ़िए, कैसे 9 पेज में शेयर धारकों ने एमडी, सीएफओ के खिलाफ लगाए हैं आरोप) 

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