इस साल IPO से बनेगा रिकॉर्ड, दिसंबर तक 1 लाख करोड़ रुपए जुट सकते हैं

मुंबई– कोरोना के समय में भारतीय कंपनियां पैसा जुटाने का रिकॉर्ड बना सकती हैं। इस साल के अंत तक 1 लाख करोड़ रुपए IPO और FPO (फॉलोऑन पब्लिक ऑफर) के माध्यम से कंपनियां जुटा सकती हैं। अभी तक 42 हजार करोड़ रुपए कंपनियों ने जुटाया है। जबकि 16 अगस्त तक कुल 9 कंपनियां 16 हजार करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में हैं। इसमें 4 अगस्त को एक साथ 3 इश्यू खुलेंगे।  

अभी जो बड़े IPO अगले 15 दिनों में आने वाले हैं उसमें निरमा की सीमेंट कंपनी नोवोको 5 हजार करोड़ रुपए जुटाएगी। कारट्रेड 2 हजार करोड़ रुपए जबकि अप्टस वैल्यू 3 हजार करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। इसके अलावा इसी हफ्ते नायका सेबी के पास DRHP फाइल कर सकती है। यह 5 हजार करोड़ रुपए जुटाएगी। पॉलिसी बाजार अगले हफ्ते 6 हजार करोड़ रुपए के DRHP फाइल करेगी।  

दरअसल भारतीय बाजार में इस रास्ते से अब तक 2017 में सबसे ज्यादा रकम जुटाई गई है। उस साल में कुल 75 हजार करोड़ रुपए जुटाया गया था। उस समय कुल 38 कंपनियों ने बाजार में प्रवेश किया था। सेबी के पास कंपनियों ने जितना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोसपेक्टस (DRHP) फाइल किया है और जितने कंपनियों को सेबी की मंजूरी मिली है, उससे यह संभावना बन रही है कि इस साल में रिकॉर्ड टूटेगा। IPO के लिए DRHP फाइल करना जरूरी होता है।  

जानकारों का मानना है कि जितनी कंपनियों को सेबी की मंजूरी मिली है, अगर केवल वही कंपनियां बाजार में आ गईं तो भी 1 लाख करोड़ रुपए की रकम जुट जाएगी। वैसे सेबी के पास DRHP फाइल करने में जबरदस्त तेजी कंपनियों ने दिखाई है। सेबी के आंकड़े बताते हैं कि इस महीने में कुल 12 कंपनियों ने सेबी के पास DRHP जमा कराया है। जून में 6 कंपनियों ने जबकि मई में 12 और अप्रैल में 9 कंपनियों ने जमा कराया है।  

पिछले साल से इस साल तक करीबन सभी IPO को जबरदस्त रिस्पांस निवेशकों का मिला है। साथ ही ये 200 गुना तक भरे हैं और निवेशकों को इसी अनुपात में जमकर फायदा भी दिए हैं। परंपरागत कंपनियों के अलावा जोमैटो, पेटीएम, नायका, फोन पे, मोबिक्विक, पॉलिसी बाजार जैसी कंपनियां भी इसी बाजार में आ रही हैं।  

सेबी के आंकड़े बताते हैं कि 34 कंपनियों ने हाल के समय में सेबी के पास DRHP फाइल किया है। ये सभी मिलकर 75 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही हैं। इसके अलावा 50 कंपनियों ने IPO बाजार में उतरने की घोषणा की है। इसमें से 21 कंपनियां 70 करोड़ रुपए जुटा सकती हैं। हालांकि एलआईसी सबसे बड़ा IPO है, पर वह अगले साल में आ सकता है। अगर वह दिसंबर तक आता है तो फिर यह रकम 1.80 लाख करोड़ रुपए हो जाएगी।  

IPO बाजार के लिए एक और इस साल अच्छी बात है कि पेंशन फंड का पैसा भी अब IPO में लगाया जा सकता है। इस पैसे को अभी तक IPO में लगाने की मंजूरी नहीं मिली थी। जोमैटो के बाद अगली नजर पेटीएम पर निवेशकों की है। यह 16,600 करोड़ रुपए जुटाने की योजना में है। यह IPO दिवाली तक आ सकता है। इसकी पैरेंट कंपनी वन97 स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होगी। साल के आधार पर देखें तो इस साल 42 हजार करोड़ रुपए जुटाया गया है तो पिछले साल 26,628 करोड़ रुपए कंपनियों ने जुटाया था। 2019 में 12,687 और 2018 में 31 हजार करोड़ रुपए जुटाया गया था।  

पिछले 3-4 सालों में बड़े IPO की बात करें तो इस साल में जोमैटो ने 9,375 करोड़ रुपए, पावर ग्रिड ने 7,734 करोड़ रुपए, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने 4,633 करो़ड़ रुपए जुटाए थे। पिछले साल ग्लैंड फार्मा ने 6,479 करोड़ रुपए, एसबीआई कार्डस ने 10,354 और स्टर्लिंग एंड विल्सन ने 2019 में 3,145 करोड़ रुपए जुटाया था। 2018 में आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने 4,016 करोड़ रुपए, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स ने 4,144 करोड़, बंधन बैंक ने ,4473 करोड़ रुपए जुटाए थे। 2017 में तीन बीमा कंपनियों ने अच्छी रकम जुटाई थी। एचडीएफसी लाइफ ने 8,695 करोड़ रुपए, न्यू इंडिया इंश्योरेंस ने 9,600 करोड़ और जनरल इंश्योरेंस ने 11,176 करोड़ रुपए की रकम जुटाई थी।  

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