जोमैटो और इंफो एज को निफ्टी 50 में अभी नहीं मिलेगी इंट्री

मुंबई- नए जमाने की इंटरनेट कंपनियां- जोमैटो और इंफो एज (नौकरी डॉट कॉम) इस बार शायद निफ्टी 50 में शामिल नहीं हो पाएंगी। दोनों का मार्केट कैप बेंचमार्क इंडेक्स में शामिल होने के लिए काफी है, लेकिन अगले महीने होने वाले पीरियोडिक रिव्यू में दोनों के नाम पर विचार होने की संभावना नहीं है। जानकारों के मुताबिक, इनके शेयर पर्याप्त संख्या में खुले बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं और न ही इनके शेयरों में वायदा सौदे हो रहे हैं। 

दिग्गज ब्रोकरेज फर्म ICICI डायरेक्ट ने इसको लेकर अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि नौकरी डॉट कॉम की पेरेंट कंपनी इंफो एज को बाद के रिव्यू में निफ्टी में एंट्री का मौका मिल सकता है। यह रिव्यू हर साल दो बार होता है और अगला रिव्यू अगले महीने होने वाला है। निफ्टी में एंट्री और एग्जिट के लिए होने वाला रिव्यू सितंबर में प्रभावी होगा। रिव्यू में शामिल होने की जरूरी शर्तें पूरी करने की अंतिम तारीख 30 जुलाई है। 

अभी तो नहीं, जोमैटो को आने वाले समय में निफ्टी-50 में शामिल होने का मौका मिल सकता है। ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘प्रमोटरों की हिस्सेदारी बहुत कम होने से जोमैटो जैसी नए जमाने की लार्ज कैप कंपनियों का फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन बहुत ज्यादा होगा। उसके लिए आने वाले समय में एनएसई के बेंचमार्क इंडेक्स में शामिल होने की संभावना बढ़ेगी।’ 

निफ्टी में एंट्री के लिए उम्मीदवार का एवरेज फ्री फ्लोट मार्केट कैप इंडेक्स में शामिल सबसे छोटी कंपनी के मुकाबले कम से कम डेढ़ गुना होना चाहिए। इंफो एज का एवरेज फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन इंडियन ऑयल से कम है, जो निफ्टी-50 की सबसे कम फ्री फ्लोट मार्केट कैप वाली कंपनी है। इसी मोर्चे पर इंफो एज मात खा रही है। 

ICICI डायरेक्ट के मुताबिक, ‘इंडेक्स में किस कंपनी को एंट्री मिलनी चाहिए, वह इस बात पर निर्भर करता है कि उसके कितने शेयर ट्रेडिंग के लिए बाजार में उपलब्ध हैं।’ निफ्टी-50 में एंट्री पिछले छह महीनों में कंपनी के एवरेज मार्केट कैपिटलाइजेशन पर भी निर्भर करती है। निफ्टी-100 में शामिल जो कंपनियां एनएसई के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं, आमतौर पर उन्हें ही निफ्टी-50 के लिए चुना जाता है। 

इंफो एज अगली बार निफ्टी-50 में शामिल होने के लिहाज से सबसे अच्छी स्थिति में है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, ‘इंफो एज निफ्टी-50 में जब भी शामिल होगी, वह पहली प्योर इंटरनेट कंपनी होगी। दिलचस्प बात यह है कि डाऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (भारत के निफ्टी जैसे स्टॉक इंडेक्स) के प्राइस वेटेड इंडेक्स होने की वजह से उसमें अमेजन या गूगल जैसी इंटरनेट कंपनियां शामिल नहीं हैं। 

वैसे इंफो एज के अलावा, निफ्टी-50 में शामिल होने की तीन सबसे बड़ी दावेदार कंपनियों में राधाकिशन दमानी की एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डीमार्ट) और गौतम अडाणी की अडाणी ग्रीन एनर्जी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘तीनों में नए जमाने की कंपनियां हैं। पहली इंटरनेट कंपनी है, दूसरी ऑर्गनाइज्ड डिस्काउंट ग्रोसरी रिटेलर और तीसरी ग्रीन एनर्जी कंपनी है।’ इंफो एज को छोड़ बाकी दोनों F&O लिस्ट में नहीं हैं, इसलिए फिलहाल दौड़ में नहीं हैं। 

ICICI डायरेक्ट के मुताबिक निफ्टी 50 में अंदर-बाहर होने वाले शेयर बताते हैं कि लॉन्ग टर्म में किस तरह की कंपनियों के उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़-घट सकती है। 2003 से 2011 के बीच देश में बढ़ते निवेश से इकोनॉमी में डिमांड को बढ़ावा मिला था। इसलिए उस दौरान इंडेक्स में शामिल ज्यादातर कंपनियां इनवेस्टमेंट और लोन देने वाले ग्रुप से ताल्लुक रखती थीं। इसी तरह, 2012 से 2020 के बीच निफ्टी में कंजम्पशन सेक्टर की कंपनियों की संख्या ज्यादा रही। 

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