रिटेल निवेशकों ने शेयर बाजार में लगाया पैसा, दो साल में दोगुना बढ़ी अप्लीकेशन

मुंबई– आपदा में अवसर देश के उन निवेशकों ने भी तलाश लिया, जो कभी शेयर बाजार के बारे में कुछ नहीं जानते थे। घर पर बैठने, बेरोजगार होने और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए रिटेल निवेशकों ने शेयर बाजार में निवेश शुरू किया। दो साल में इन निवेशकों की अप्लीकेशन दोगुनी हो गई है।  

आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 में हर IPO में रिटेल निवेशक की औसत अप्लीकेशन 6.13 लाख होती थी। अगले साल यानी 2019-20 में मामूली बढ़कर यह 6.88 लाख हो गई। पर जैसे ही पिछले साल कोरोना आया इसमें दोगुना का उछाल आया। 2020-21 यानी पिछले साल अप्रैल से इस साल मार्च के दौरान रिटेल निवेशकों की अप्लीकेशन हर IPO में बढ़कर औसतन 12.73 लाख हो गई। जबकि 2021-22 यानी इस साल अप्रैल से अब तक यह बढ़ कर 15.68 लाख हो गई है।  

शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हुए जोमैटो के शेयर ने निवेशकों की झोली भर दी है। 76 रुपए का शेयर 115 रुपए पर लिस्ट हुआ। बाद में यह 138 रुपए तक चला गया। रिटेल अप्लीकेशन की बात करें तो हाल के समय में तत्व चिंतन सबसे टॉप पर रहा है। इसी हफ्ते इसका IPO बंद हुआ है और अगले हफ्ते यह लिस्ट होगा। 500 करोड़ रुपए के इस IPO को कुल 32.50 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली थी।  

जोमैटो ने 9,375 करोड़ रुपए का इश्यू लाया था। इसमें 32.14 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली थी। इसमें केवल 10% हिस्सा ही रिटेल के लिए रखा गया था। जबकि तत्व चिंतन में 35% हिस्सा रिटेल के लिए रखा गया था। इसी साल जनवरी में आए इंडिगो पेंट्स के इश्यू में कुल 25.88 लाख अप्लीकेशन रिटेल निवेशकों की ओर से आई थीं। यह 1,169 करोड़ रुपए का IPO था।  

इसी साल मार्च में आए एमटीएआर के IPO में कुल 25.87 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली थी। 596 करोड़ रुपए का यह इश्यू था। सरकारी कंपनी मझगांव डाक ने पिछले साल सितंबर में 444 करोड़ रुपए का IPO लाया था और इसमें 23.56 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली थी। इस साल जुलाई में क्लीन साइंस ने बाजार से 1,547 करोड़ रुपए जुटाया था और इसे 23.50 लाख अप्लीकेशन मिली थी।  

2018 में एचडीएफसी असेट मैनेजमेंट कंपनी ने 2,800 करोड़ रुपए बाजार से जुटाया था। उसे उस समय सबसे ज्यादा 23.30 लाख अप्लीकेशन मिली थी। इसके बाद पिछले साल दिसंबर में मिसेज बेक्टर्स के IPO में 22.02 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली थी। इस कंपनी ने 541 करोड़ रुपए बाजार से जुटाया था।

2021 में लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स के IPO में 20.81 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली थी तो नजारा टेक में 20.83 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली। इसी हफ्ते लिस्ट हुए जी.आर. इंफ्रा में 20.85 लाख रिटेल अप्लीकेशन मिली थी। इन तीनों कंपनियों ने 583 से 962 करोड़ रुपए के बीच रकम जुटाई थी। नजारा टेक का इश्यू 175 गुना भरा था।  

2007-08 में जब IPO बाजार तेजी में था, तो उस समय रिटेल निवेशकों की अप्लीकेशन केवल 3 से 5 लाख के बीच हुआ करती थी। हालांकि 2008 में आए रिलायंस पावर में यह आंकड़ा बहुत ज्यादा था। उस समय रिलायंस पावर का इश्यू 80 गुना से ज्यादा भरा था। विश्लेषकों की मानें तो जिस तरह से बाजार में तेजी है और हर IPO लिस्टिंग में निवेशकों की झोली भर रहा है, ऐसे में हर कोई पैसा लगाकर मुनाफा कमाना चाहता है। पिछले साल कुल आए 38 इश्यू में से 34 इश्यू अपने IPO प्राइस की तुलना में ज्यादा भाव पर कारोबार कर रहे हैं। इसमें से 10 कंपनियों का शेयर तो दोगुना से भी ज्यादा भाव पर इस समय चल रहा है।  

रिटेल निवेशकों की संख्या बढ़ने का एक कारण टेक्नोल़ॉजी भी है। पहले IPO के लिए निवेशकों को फिजिकल फॉर्म भरना होता था। फिर 15 दिनों तक लिस्टिंग के लिए इंतजार करना होता था। पर अब मोबाइल अप्लीकेशन से ही सारी चीजें हो जा रही हैं। साथ ही एक हफ्ते में ही लिस्टिंग भी हो जाती है। रिटेल निवेशकों के लिए IPO में अधिकतम 2 लाख रुपए के निवेश का नियम है। पर उससे पहले कम से कम एक लॉट IPO में लेना होता है। एक लॉट की कीमत 15 हजार रुपए कम से कम होती है।  

बाजार रेगुलेटर सेबी छोटे निवेशकों को बाजार में लाने के लिए इस लॉट साइज को भी कम करने की योजना बना रहा है। आने वाले समय में 15 हजार रुपए के नियम को घटाकर 8 हजार रुपए के आस-पास किया जा सकता है। साथ ही IPO की लिस्टिंग की टाइम भी 6 वर्किंग डे से घटाकर 4 या 3 वर्किंग डे की जा सकती है। ऐसे में बाजार में रिटेल निवेशकों की और संख्या बढ़ सकती है। अप्रैल 2020 से अब तक 2 करोड़ से ज्यादा डिमैट अकाउंट खोले जा चुके हैं जो रिटेल निवेशकों की भागीदारी को दिखाता है।   

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