रिलायंस इंडस्ट्रीज के फायदे में 30-50% की हो सकती है बढ़त, जियो की हर ग्राहक से बढ़ सकती है कमाई

मुंबई– देश की सबसे बड़ी कंपनी और तेल से लेकर टेलीकॉम के बिजनेस में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) आज फाइनेंशियल रिजल्ट जारी करेगी। अप्रैल-जून तिमाही के इस रिजल्ट में कंपनी के फायदे में 30-50% की बढ़त का अनुमान है। साथ ही जियो की हर ग्राहक से कमाई भी बढ़ सकती है।  

कंपनी आज बाजार बंद होने के बाद देर शाम चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के रिजल्ट जारी करेगी। इसके शेयरों में आज आधा पर्सेंट की गिरावट है। इसलिए इसके शेयरों पर रिजल्ट का असर सोमवार को दिखेगा। मार्च तिमाही का भी रिजल्ट शुक्रवार की शाम ही जारी किया गया था। हालांकि मार्च तिमाही की तुलना में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है। क्योंकि अप्रैल से जून के बीच लॉकडाउन रहा है।  

विश्लेषकों का अनुमान है कि जून 2020 की तिमाही की तुलना में इस बार जियो 55-85 लाख नए ग्राहक जोड़ सकती है। हालांकि यह पिछली चार तिमाहियों के औसत से कम रह सकता है। पिछली चार तिमाहियों में इसने औसतन 97 लाख ग्राहक जोड़े हैं। जियो की प्रति ग्राहक कमाई मार्च की तुलना में बढ़ सकती है। मार्च में इसकी प्रति ग्राहक कमाई 138 रुपए रही है। जून तिमाही में यह 139 रुपए हो सकती है। जबकि एयरटेल की प्रति ग्राहक कमाई 145 रुपए है।  

ऑयल से केमिकल डिवीजन में प्रति टन एबिट्डा में बढ़त का अनुमान है। एबिट्डा उसे कहते हैं जो टैक्स, डिप्रिसिएशन आदि के पहले की कमाई होती है। कंपनी के रिजल्ट पर पहली तिमाही में लगे राज्यवार लॉकडाउन का असर दिख सकता है। एमके ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी को 10,855 करोड़ रुपए का फायदा हो सकता है। यह पिछले साल जून की तुलना में 31.3% ज्यादा रह सकता है। जून 2020 में कंपनी को 8,267 करोड़ रुपए का फायदा हुआ था। रेवेन्यू की बात करें तो यह 1,41,752 करोड़ रुपए रह सकता है। जून 2020 में 88,253 करोड़ रुपए की तुलना में यह 60% ज्यादा रह सकता है।  

एबिट्डा मार्जिन की बात करें तो इसमें 2.57% की गिरावट आ सकती है। यह 17% पर रह सकता है। मार्च की तुलना में हालांकि यह 1% के करीब ज्यादा रह सकता है। एचडीएफसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि ऑयल से केमिकल डिविजन में हर टन के पीछे इसका एबिट्डा मार्जिन 14% के करीब रह सकता है।  

एचडीएफसी का मानना है कि इसके रिटेल सेगमेंट का एबिट्डा 59% गिर कर 1,470 करोड़ रुपए रह सकता है। जबकि जियो इस दौरान 85 लाख नए ग्राहक जोड़ सकती है। इसकी प्रति ग्राहक कमाई 140 रुपए रह सकती है। जून तिमाही में इस ब्रोकरेज का अनुमान है कि इसका फायदा 49.2% बढ़ कर 12,600 करोड़ रुपए रह सकता है। रेवेन्यू में 54.3% की बढ़त होगी और यह 1 लाख 36 हजार 200 करोड़ रुपए रह सकता है। एबिट्डा मार्जिन 16.4% रह सकता है।  

जे एम फाइनेंशियल ने अपने अनुमान में कहा है कि ऑयल से केमिकल डिवीजन का एबिट्डा 3.9% बढ़ सकता है। रिफाइनिंग मार्जिन कमजोर रह सकती है। तिमाही आधार पर हालांकि इसमें सुधार दिख सकता है। इसका डिजिटल एबिट्डा तिमाही आधार पर 9,100 करोड़ रुपए रह सकता है। जियो इस दौरान 80 लाख ग्राहक जोड़ सकती है और हर ग्राहक से इसकी कमाई 139 रुपए रह सकती है।  

इस ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि लॉकडाउन की वजह से लोगों ने रिचार्ज कराने की योजना को टाल दी होगी। रिटेल एबिट्डा में 45% की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। तिमाही आधार पर यह 2,000 करोड़ रुपए रह सकता है। वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी को 53,729 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड फायदा हुआ है। एक साल पहले के लाभ की तुलना में यह 34.8% ज्यादा था। कंपनी ने 7 रुपए प्रति शेयर लाभांश यानी डिविडेंड देने की घोषणा की थी। डिविडेंड मतलब अपने फायदे में से निवेशकों को गिफ्ट के रूप में कुछ हिस्सा देने से होता है। पूरे साल के दौरान 5.39 लाख करोड़ रुपए इसका रेवेन्यू रहा था। 

चौथी तिमाही की बात करें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप का कुल रेवेन्यू 1 लाख 72 हजार 95 करोड़ रुपए था जो एक साल पहले जनवरी-मार्च की तुलना में 24.9% ज्यादा रहा। शुद्ध फायदा 14,995 करोड़ रुपए रहा जो कि एक साल पहले हुए 6,348 करोड़ की तुलना में 129% ज्यादा रहा था। केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज की बात करें तो उसका रेवेन्यू 90 हजार 792 करोड़ रुपए रहा है जिसमें 27.1% की बढ़त रही है। शुद्ध लाभ 7,617 करोड़ रुपए रहा है, जो 11.7% कम है।

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