बैंक और फाइनेंशियल संस्थान आईपीओ में लगा रहे हैं जमकर दांव

मुंबई- बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास बहुत पैसा है। कोविड के टाइम में लोन लेने वाले बहुत कम हैं। इसको देखते हुए उन्होंने इस साल आए IPO में जमकर पैसा लगाया है। उन्होंने निवेश क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (QIB) के तौर पर किया है। इस साल अब तक IPO में किया गया उनका निवेश चार साल में सबसे ज्यादा हो गया है। 

बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस साल अब तक IPO में 870 करोड़ रुपए का निवेश किया है। 2020 में कोविड से बनी अनिश्चितताओं के बीच IPO मार्केट में सुस्ती रही थी, लेकिन उस दौरान भी उन्होंने उसमें 698 करोड़ रुपए लगाए थे। 2019 में उन्होंने इनमें 461 करोड़ रुपए का निवेश किया था। 

2017 में भारतीय कंपनियों ने IPO के जरिए रिकॉर्ड रकम जुटाई थी। उस साल बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने QIB के तौर पर उनमें 4,548 करोड़ रुपए लगाए थे। आंकड़ों के मुताबिक कंपनियों ने 2021 में अब तक IPO के जरिए 27,417 करोड़ रुपए जुटाए हैं। पिछले साल उन्होंने 26,108 करोड़ रुपए, 2019 में 11,036 करोड़ रुपए जबकि 2018 में 30,615 करोड़ रुपए जुटाए थे। 

आम धारणा यह है कि बैंक आमतौर पर IPO में निवेश लॉन्ग टर्म फायदे के लिए नहीं करते। उनका पूरा ध्यान उनसे लिस्टिंग गेन हासिल करने पर होता है। हालांकि 2019 का साल अपवाद रहा, जब बैंकों ने मुश्किलों में फंसे स्टर्लिंग एंड विल्सन के इश्यू का बेड़ा पार लगाया था।पहले IPO में निवेश के लिए हम बैंकों के पीछे भागते थे। अब वे हमारे पीछे भाग रहे हैं। सितंबर 2020 के बाद से बैंकों के ट्रेजरी इनवेस्टमेंट में तेज उछाल आया है। इसकी दो वजहें हैं, एक तो उनके पास एक्सेस कैश है और दूसरा, IPO में निवेश से अच्छा रिटर्न मिल रहा है।’

इस साल IPO में जमकर पैसा लगाने वाले दिग्गज बैंकों में IDBI बैंक, ICICI बैंक, SBI, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया (BOI) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) शामिल रहे। ज्यादातर बैंकों ने मजबूत वित्तीय रूप से मजबूत कंपनियों के पब्लिक इश्यू में पैसा लगाया। बैंकों ने क्लीन साइंस, लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स, सोना कॉमस्टार जैसी कंपनियों के इश्यू में पैसा लगाया था। बैंकों ने जोमैटो के IPO में पैसा लगाया होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल इससे जुड़े डिटेल का इंतजार है। 

बैंकर्स के मुताबिक, IPO में पैसा लिस्टिंग गेन के लिए लगाया जाए, यह जरूरी नहीं। हम आमतौर पर बिजनेस मॉडल देखते हैं और मैनेजमेंट की क्वॉलिटी देखते हैं। बैंकों ने GR इंफ्रा, MTAR टेक्नोलॉजीज, हैपिएस्ट माइंड्स, इंडियामार्ट के IPO में पैसा इसलिए लगाया था, क्योंकि उसमें क्वॉलिटी थी। उन्होंने यह भी कहा कि जहां तक GR इंफ्रा की बात है तो इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में L&T के अलावा कोई दूसरी अच्छी कंपनी नहीं है, इसलिए बैंकों को उसका इश्यू अच्छा लगा। उनके मुताबिक, जोमैटो जैसी स्टार्टअप के IPO में निवेश को लेकर बैंकों की राय अलग हो सकती है। 

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