हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी के लिए आपका गाइड, हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी क्या है?

मुंबई– हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी आपको अपनी पॉलिसी को किसी एक बीमाकर्ता से दूसरे बीमाकर्ता में बदलने या स्विच करने की सुविधा प्रदान करता है. इसमें पहले से मौजूद बीमारियों और टाइम एक्सक्लूशन के क्रेडिट का भी समावेश होता है. पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करती है कि बीमाकर्ता यदि ग्राहकों को बांधे रखना चाहते हैं तो उन्हें ग्राहकों को उत्कृष्ट सेवा प्रदान करते रहना होगा। यह ग्राहकों को अपने बीमाकर्ता से संतुष्ट नहीं होने पर संचयी (cumulative) बोनस और समयबद्ध लाभों को खोए बिना बीमाकर्ता को बदलने की स्वतंत्रता भी देता है।

इसकी प्रक्रिया क्या है?

आप अपनी पॉलिसी को नवीनीकरण या रिनीवल का समय आने आसपास पोर्ट कर सकते हैं जिसे नवीनीकरण के समय से 45 दिन पहले शुरू किया जाना चाहिए। अपनी पॉलिसी को पोर्ट करने के लिए, आपको पोर्टेबिलिटी फॉर्म के अलावा एक नया प्रपोजल फॉर्म भी जमा करना होगा। एक बार जब नया बीमाकर्ता आपका पोर्टेबिलिटी अनुरोध प्राप्त कर लेता है, तो वे आपकी चिकित्सा और क्लेम्स के इतिहास को जानने के लिए मौजूदा बीमाकर्ता से संपर्क करेंगे। नया बीमाकर्ता अपने मौजूदा मानदंडों के अनुसार प्रतिबंधित कवरों को स्वीकार, प्रस्तावित या अनुरोध के आधार को अस्वीकार कर सकता है।

आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को पोर्ट करते समय आवश्यक दस्तावेजों में प्रपोजल फॉर्म, पोर्टेबिलिटी फॉर्म, पहचान प्रमाण, पते का प्रूफ, क्लेम हिस्ट्र, मेडिकल हिस्ट्री की जरूरत होती है।

अपना हेल्थ कवर पोर्ट कराते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बीमित राशि: यदि आप बीमा राशि को बढ़ाने का विकल्प चुनते हैं, तो कृपया ध्यान दें कि प्रतीक्षा अवधि का लाभ केवल पुरानी बीमा राशि की राशि पर ही लागू होगा। मान लीजिए कि मौजूदा बीमाकर्ता के साथ आपकी बीमा राशि 5 लाख थी और पोर्ट करते समय आप इसे बढ़ाकर 7 लाख करना चाहते हैं तो पोर्टेबल बीमा राशि 5 लाख होगी और शेष 2 लाख के लिए आपको नए बीमाकर्ता के साथ प्रतीक्षा अवधि पूरी करनी होगी।

बीमा कवर पर प्रतिबंध : पॉलिसी के नियमों और शर्तों को ध्यानपूर्वक देखें और यदि कवर में कोई प्रतिबंध हो तो उसे ठीक से समझें। ऐसी पॉलिसी की तलाश करें जो कवरेज पर बहुत अधिक प्रतिबंध न लगाए। बहुत से लोग बीमाकर्ताओं को इसलिए पोर्ट करते हैं क्योंकि दूसरा बीमाकर्ता कम प्रीमियम की पेशकश कर रहा है. कम प्रीमियम वाले पॉलिसी में प्रतिबंधित कवर ज्यादा होते हैं । नए बीमाकर्ता द्वारा विस्तारित कवरेज को समझना अनिवार्य है। बीमाकर्ता की निर्धारित सीमाओं और उप-सीमाओं को स्पष्ट रूप से समझें। यह क्लेम करते समय किसी भी गफलत से बचाएगा।

जब आप किसी एक बीमाकर्ता से दूसरे बीमाकर्ता को चुनते हैं तो आपको पहले से मौजूद बीमारियों, प्रतीक्षा अवधि, नो क्लेम बोनस, यदि कोई हो, तो इसके लिए पोर्ट टाइम दिया जाता है, लेकिन पॉलिसी के फीचर्स के लिए नहीं। प्रत्येक पॉलिसी की अपनी विशिष्टताएं होती हैं। आप क्या छोड़ रहे हैं और आपको क्या अतिरिक्त लाभ प्राप्त होंगे, यह जानने के लिए दोनों नीतियों की विशेषताओं को ठीक से जांच परख लें। ध्यान रखने वाली एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि नॉन-डिस्क्लोजर की किसी भी परेशानी से बचने के लिए आपको अपने क्लेम और मेडिकल हिस्ट्री से संबंधित सभी विवरणों का सही खुलासा करना चाहिए। पारदर्शिता एक महत्वपूर्ण फैक्टर तत्व है जो पोर्टेबिलिटी को सहज बना देता है।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी आपको इधर-उधर घूमने और मार्केट में पेश अन्य ऑफर्स का पता लगाने की स्वतंत्रता देती है, लेकिन पोर्टेबिलिटी का विकल्प चुनने से पहले आपको अपने विकल्पों का अच्छी तरह से मूल्यांकन करना चाहिए, कवरेज और प्रतिबंधों को समझना चाहिए, साथ ही सभी ऑफर्स का एक तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए। इसके बाद एक सोचा समझा फैसला लिया जाना चाहिए जिससे आपको बाद में कोई निराशा हाथ न लगे। 

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