एक ही चार्जर से स्मार्ट फोन, लैपटॉप, घड़ी और स्पीकर चार्ज कीजिए

मुंबई– शाओमी ने भारतीय बाजार में 67 वॉट सोनिकचार्ज 3.0 फास्ट चार्जर लॉन्च कर दिया है। इसके साथ 1 मीटर लंबी USB टाइप-C केबल भी दे रही है। कंपनी का कहना है कि ये सिंगल चार्जर सभी के लिए फ्यूल का काम करेगा। यानी इससे मल्टीपल डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, लैपटॉप, फिटनेस ट्रैकर, स्मार्टवॉच, टैबलेट समेत दूसरे USB टाइप-C प्रोडक्ट्स को चार्ज किया जा सकेगा। चार्जर की कीमत 1,999 रुपए है। इसे व्हाइट कलर में लॉन्च किया गया है। 

ये चार्जर 67 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। इसमें क्वालकॉम की क्विक चार्ज 3.0 टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। चार्जर में गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता मानकों को पूरा करने के लिए बिल्ट-इन सर्ज प्रोटेक्शन दिया है। चार्जर 100-120V का इनपुट लेता है और 67W का आउटपुट प्रदान करता है। इसकी बॉडी पॉलीकार्बोनेट मटेरियल से बनी है। इसे ब्यूरो ऑफ इंडियन सर्टिफिकेशन (BIS) सर्टिफिकेशन दिया है। 

कंपनी का कहना है कि 67 वॉट के चार्जर से 5000mAh बैटरी वाले स्मार्टफोन को महज 36 मिनट में फुल चार्ज किया जा सकेगा। ऐसे में जिन यूजर्स ने Mi 11 अल्ट्रा स्मार्टफोन खरीदा है वो इसकी तरफ जा सकते हैं, क्योंकि इस फोन के साथ 55 वॉट का चार्जर मिल रहा है। ये चार्जर 5000mAh की बैटरी को घंटेभर में चार्ज करता है। 

कंपनी का कहना है कि ये उन डिवाइस को तेजी से चार्ज करेगा जिनकी बैटरी क्विक चार्ज टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करती हैं। साथ ही, जिनमें USB टाइप-C पोर्ट दिया हो। हां, इससे उन डिवाइस को भी चार्ज किया जा सकेगा जो माइक्रो USB पोर्ट को सपोर्ट करते हैं। इसके लिए यूजर अपने नॉर्मल चार्जर की केबल का 67 वॉट के एडॉप्टर में फिक्स कर सकता है। 

ये क्विक चार्जर है जो डिवाइस में 67W का आउटपुट देता है। इसे उन डिवाइस में कनेक्ट किया जाता है जो 5 या 10 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती हैं, तब उन डिवाइस को नुकसान पहुंच सकता है। चार्जिंग से बैटरी गर्म हो सकती है। डिवाइस के दूसरे कम्पोनेंट को नुकसान हो सकता है। यहां तक की डिवाइस के फटने की संभावना भी हो सकती है। 

जिन डिवाइस में 25 से 50 वॉट या उससे ज्यादा वॉट की चार्जिंग सपोर्ट दी है उन्हें इस चार्जर से खतरा नहीं होगा। हालांकि, चार्जिंग के दौरान इन डिवाइस को लंबे समय तक नहीं छोड़ सकते है। घंटे भर की चार्जिंग के बाद चार्जर को डिवाइस से अलग कर लें। 

ये इस बात पर तय है कि बैटरी कैपेसिटी और चार्जिंग टेक्नोलॉजी क्या है। यदि फोन इस तरह की चार्जिंग टेक्नोलॉजी को सपोर्ट नहीं करता है तब फोन की बैटरी खराब होने के चांस बढ़ जाते हैं। हो सकते हैं डिवाइस को उतनी कैपेसिटी वाले चार्जर से ही चार्ज करें जो कंपनी उसके साथ देती है। 

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