होटल कंपनियों के कुल मार्केट कैप के से ज्यादा, QSR कंपनियों के करीब है जोमैटो का मार्केट कैप

मुंबई– क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी जोमैटो का IPO बुधवार को खुलेगा और शुक्रवार को बंद होगा। देश में लिस्टेड कुल QSR कंपनियों का मार्केट कैप 60,112 करोड़ रुपए है। जबकि लिस्टेड होटल कंपनियों का कुल मार्केट कैप 43 हजार करोड़ रुपए है। जोमैटो का अनुमानित मार्केट कैप देखें तो यह 60 हजार करोड़ रुपए के करीब होगा।  

इसके एक शेयर की कीमत 70 से 74 रुपए है। जोमैटो देश में खाना की सेवा देने वाली लीडिंग प्लेटफॉर्म है। यह लगातार घाटा देने वाली कंपनी है। कंपनी ने सेबी के पास जमा मसौदे में कहा है कि आगे भी वह घाटा दे सकती है। ऐसे में इसका शेयर का जो भाव तय किया गया है, वह काफी महंगा है।  

कंपनी 9,375 करोड़ रुपए जुटाएगी। इसमें 9,000 करोड़ नए शेयरों से और 375 करोड़ ऑफर फॉर सेल के तहत जुटाया जाएगा। पहले इश्यू की साइज 8,250 करोड़ रुपए थी। इसने 7500 करोड़ नए शेयरों से और 750 ऑफर फॉर सेल के जरिए था। मैनेजमेंट का दावा है कि रोड शो के दौरान मिले बेहतरीन रिस्पांस से उसने साइज बढ़ा दिया है।  

इसमें से कंपनी 6,750 करोड़ रुपए कंपनियों के खरीदने और कंपनी को बढ़ाने पर खर्च करेगी। जिस सेक्टर में जोमैटो काम करती है, वह सेक्टर दरअसल अभी बिखरा हुआ है। हालांकि ग्लोबल लेवल पर यह संगठित सेक्टर है। जोमैटो का मुकाबला अमेजन और स्विगी से है।  

कंपनी मैनेजमेंट लगातार ग्राहकों के डाटा को सुरक्षित रखने की बात करता है, पर साल 2017 में इसके प्लेटफॉर्म से 1.70 करोड़ डाटा चोरी हो गए थे। यह फूड सर्विस सेक्टर का पहला बड़ा इश्यू है। हालांकि इसकी तुलना में कोई लिस्टेड कंपनी इस सेक्टर की नहीं है। ग्लोबल लेवल पर इस सेक्टर की लिस्टेड कंपनियों का वैल्यूएशन उनके रेवेन्यू की तुलना में 8-9 गुना होता है। जबकि जोमैटो का वैल्यूएशन 16 गुना से ज्यादा है। इसलिए यह काफी महंगा इश्यू है।  

चूंकि अभी कोरोना है, इसलिए इसकी सेवाओं का लोग तेजी से उपयोग कर रहे हैं। लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद इसकी सेवाओं की कितनी मांग होगी, यह भी निवेश से पहले सोचने वाली बात है। क्योंकि लोग होटलों में खाना ज्यादा पसंद करते हैं। ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि यह काफी महंगा इश्यू है। 

जोमैटो इस समय देश के 525 शहरों में सेवा देती है। इसके पास 3.89 लाख रेस्टोरेंट लिस्टेड हैं। भारत के बाहर 23 देशों में इसकी सेवा है। कंपनी को वित्त वर्ष 2018-2019 में 1,397 करोड़ का रेवेन्यू हुआ था। इस पर 1,010 करोड़ का घाटा था। 2019-20 में 2,742 के रेवेन्यू पर 2,385 करोड़ का घाटा था। 2020-21 में 2,118 करोड़ के रेवेन्यू पर 816 करोड़ रुपए का घाटा था।  

क्यूएसआर कंपनियों में जुबिलेंड फुड का मार्केट कैप सबसे ज्यादा 41,496 करोड़ रुपए जबकि वेस्टलाइफ का 7,990 करोड़ रुपए है। वेस्टलाइफ का मार्केट कैप 7,990 कोरड़ रुपए जबकि बर्गर किंग का 6,058 करोड़ रुपए है। बार्बीक्यू नेशन का 3,324 करोड़ रुपए है। इसी तरह होटल कंपनियों में इंडियन होटल का 17,446 करोड़ मार्केट कैप है। यह सबसे ज्यादा है। इआईएच का मार्केट कैप 7,053 करोड़ रुपए, शलेट होटल का 3,893 करोड़, महिंद्रा हॉलिडे का 3,781, इंडिया टूरिज्म का 3,392 करोड़, लेमन ट्री का 3,351 करोड़ रुपए मार्केट कैप है।  

हालांकि रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए ही अप्लाई कर सकता है। इसमें रिटेल के लिए 933 करोड़ रुपए का हिस्सा रिजर्व है। यानी कुल IPO का 10 पर्सेंट हिस्सा मिलेगा। 22 जुलाई को इसका अलॉटमेंट होगा और 23 जुलाई को रिफंड होगा। यानी आपके डिमैट खाते में 26 जुलाई तक शेयर आएंगे। 26 को अलॉटमेंट के बाद 27 जुलाई को इसकी लिस्टिंग होगी। जोमैटो ने हाल में 55-60 रुपए के मूल्य पर शेयरों को बेच कर पैसा जुटाया था। तब उसका वैल्यूएशन 40 हजार करोड़ रुपए था। अभी यह 56 हजार करोड़ रुपए है। 

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