क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में भारी गिरावट, बिटकॉइन, डागकॉइन, पोलकाडाट की कीमतों में 7% की कमी

मुंबई– क्रिप्टो करेंसी की कीमतों में भारी गिरावट जारी है। शुक्रवार को 6% तक कीमतें गिरने के बाद आज फिर कीमतें गिरी हैं। आज इनकी कीमतों में 7% तक की गिरावट आई है। इसमें प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन भी है।  

जानकारी के मुताबिक, बिटकॉइन, डागकॉइन और पोलकाडाट की कीमतों में 3 से 7% की आज गिरावट आई है। यानी दो दिनों में इन सभी की कीमतें 13% तक गिर गई हैं। दरअसल चीन के रेगुलेटर ने बिटकॉइन माइनिंग को लेकर स्क्रुटनी की बात कही है। यही कारण है कि टॉप 10 डिजिटल मनी की कीमतों में आज जमकर कमी आई है।  

बिटकॉइन सबसे लोकप्रिय डिजिटल करेंसी है। क्रिप्टोकरेंसी चीन में बड़ा बिजनेस है। पूरी दुनिया के बिटकॉइन प्रोडक्शन में आधा हिस्सा चीन का है। चीन द्वारा क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग पर लगाम लगाने की योजना तेजी में है। चीन के दक्षिणी इलाके सिचुआन में क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग प्रोजेक्ट को बंद करने का ऑर्डर दे दिया गया है। यह चीन का सबसे बड़ा माइनिंग सेंटर है।  

हालांकि वेंचर कैपिटलिस्ट फंड ने पहले ही इस साल में 17 अरब डॉलर का निवेश इन कंपनियों में किया जो इस सेक्टर में काम कर रही हैं। यह निवेश पिछले कुछ सालों में सबसे ज्यादा रहा है। पिछले हफ्ते क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में भारी गिरावट आई थी। हालांकि कम समय वाले ट्रेडर इसमें ट्रेड कर रहे हैं और इससे इसका वोल्यूम बढ़ रहा है।  

बता दें कि हाल में मुंबई की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हाल में वजरीएक्स से इसके प्लेटफॉर्म पर ड्रग डीलर के बारे में जानकारी मांगी है। हालांकि इस प्लेटफॉर्म ने इस तरह के मामले से इनकार किया है और कहा है कि यह मामला उसके प्लेटफॉर्म का नहीं है। NCB ने क्रिप्टो किंग मकरंद अदिविरकर को गिरफ्तार किया है। इस पर आरोप है कि इसने बिटकॉइन का उपयोग कर डार्क वेब पर LSD की खरीदी की थी।  

हालांकि इस भारी गिरावट के बाद भी ऐसा माना जा रहा है कि अगस्त तक बिटकॉइन का भाव 47 हजार डॉलर पर चला जोगा।पिछले हफ्तेक्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिकी रेगुलेटर का मामला रहा है। रेगुलेटर ने बिटकॉइन ETF की मंजूरी में देरी कर दी है। इससे क्रिप्टो के निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया है। टॉप 10 डिजिटल करेंसी की कीमतों में गिरावट दिखी है। अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा है कि बिटकॉइन ETF की लिस्टिंग के लिए जनता से कमेंट मंगाया जाएगा और फिर फैसला होगा। हालांकि इससे पहले भी कई बार रेगुलेटर ने इसकी मंजूरी में देरी की है। 

अमेरिकी रेगुलेटर की तरह ही UK के भी रेगुलेटर फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी ने कहा कि ज्यादा लोग अब क्रिप्टो के मुख्य निवेश के रूप में एक असेट जैसा देख रहे हैं। जबकि यह एक गैंबल है क्योंकि बिटकॉइन और इस तरह की क्रिप्टो करेंसी लेने वालों की संख्या ब्रिटेन में इस साल बढ़कर 23 लाख हो गई है। रेगुलेटर ने अलग से निवेशकों को चेतावनी दी है कि बड़े पैमाने पर यह अनरेगुलेटेड यानी रेगुलेट नहीं की जाने वाली क्रिप्टो असेट्स है। यह मई में अपनी कीमतों से अब तक 40-50% टूट चुकी है। 

आज के भाव पर देखें तो दुनिया की क्रिप्टो करेंसी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 125 लाख करोड़ रुपए है। इसमें बिटकॉइन का अकेले मार्केट कैप 50.57 लाख करोड़ रुपए है। यानी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप से 3.5 गुना ज्यादा है। रिलायंस का मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपए है। दूसरे नंबर पर इथेरियम है। इसका मार्केट कैप 23.46 लाख करोड़ रुपए है। कारडानो और बिनांस कॉइन का मार्केट कैप 4 लाख करोड रुपए से ज्यादा है। 

भारत की बात करें तो यहां पर 12-14 क्रिप्टो के एक्सचेंज हैं जो कारोबार करते हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसी में रोजाना का टर्नओवर 1,000-1500 करोड़ रुपए का है। हालांकि यह शेयर बाजार में रोजाना के 2 लाख करोड़ रुपए के टर्नओवर की तुलना में 1% से भी कम है। देश में क्रिप्टो करेंसी में 1 से 1.20 करोड़ निवेशक हैं। हालांकि भारतीय बाजार में 7 करोड़ निवेशक हैं।  

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