ऑन लाइन एफडी करा रहे हैं, तो सावधान रहिए, लूट सकते हैं ठग

मुंबई– साइबर ठगों की पहुंच को रोकने के लिए बैंक ने ग्राहकों को पासवर्ड/OTP/CVV/कार्ड नंबर आदि जैसे व्यक्तिगत डिटेल शेयर करने से मना किया है। बैंक ने कहा कि बैंक कभी भी फोन, SMS या मेल पर इन डिटेल्स के बारे नहीं पूछता है। SBI ने ट्विटर पर कहा कि उन्हें ऐसी रिपोर्ट मिली है कि साइबर अपराधियों द्वारा ग्राहकों के खातों में ऑनलाइन एफडी तैयार किए जाने की खबर है और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। 

कोरोना में डिजिटल बैंकिंग काफी तेजी से बढ़ी है। इसके कारण आरबीआई सहित एसबीआई पहले भी ग्राहकों को चेतावनी जारी कर चुके हैं। एसबीआई ने साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए चेतावनी जारी करने के साथ कुछ जरूरी उपाय बताए। जालसाजों के धोखा देने के तरीके को लेकर बैंक ने कहा है कि धोखाधड़ी करने वाले पहले अपने नेट बैंकिंग डिटेल के साथ भोले-भाले ग्राहकों के एफडी खाते बनाते हैं और कुछ राशि ट्रांसफर करते हैं। एसबीआई ने कहा है कि धोखाधड़ी करने वाले खुद को बैंक अधिकारी बताकर ग्राहक से ओटीपी मांगते हैं। इसके बाद ग्राहक यदि ओटीपी शेयर करता है तो एफडी राशि को अपने खाते में स्थानांतरित कर लेते हैं। 

बैंक ने कहा है कि कभी किसी के साथ अपने डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का ओटीपी, पिन, सीवीवी या यूपीआई पिन शेयर नहीं करें। फोन कॉल करके सबसे अधिक फ्रॉड पासवर्ड चेंज करने के नाम पर होता है। धोखा करने वाले ग्राहकों से कहते हैं कि अगर पासवर्ड चेंज नहीं करेंगे तो कार्ड ब्लॉक हो जाएगा, जिसके ग्राहक डर कर उन्हें सब बता देते हैं। 

कभी अपने बैंक खाता की जानकारी फोन में सेव नहीं करें। फोन चोरी होने पर फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं।  अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए पब्लिक इंटरनेट, ओपन नेटवर्क और फ्री वाई-फाई जोन से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने से बचना चाहिए। कोई भी बैंक कभी भी अपने कस्टमर्स से यूजर आईडी, पिन, पासवर्ड, सीवीवी, ओटीपी, वीपीए, यूपीआई आदि की जानकारियां नहीं मांगता है। जब कोई व्यक्ति फोन या इंटरनेट पर इस तरह की जानकारी मांगे तो समझ लीजिए वह फ्रॉड है। कोई भी जानकारी न दें। 

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