एचडीएफसी म्यूचुअल फंड में एसआईपी कीजिए, हर एसआईपी पर एक पेड़ लगाने की योजना, 4 जून तक है समय

मुंबई. सामाजिक रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड (एचडीएफसी एमएफ) ने उन निवेशकों की ओर से एक पेड़ लगाने के लिए एक अभियान #NurtureNature शुरू किया है, जो इसके साथ 31 मई – 4 जून, 2021 के बीच एक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के लिए रजिस्ट्रेशन कराएंगे। इस अभिनव अभियान के लिए लिए एचडीएफसी एमएफ ने पेड़ लगाने को समर्पित ग्रो-ट्रीज़ डॉट कॉम से करार भी किया है।

एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने को एक शानदार तरीका माना जाता है, जिसमें बाजार के उतार-चढ़ाव और प्रवेश के समय की चिंता किए बिना एक निश्चित राशि को नियमित अंतराल पर अनुशासित तरीके से निवेश किया जाता है। एक एसआईपी के साथ, एक निवेशक अपने लॉंग टर्म उद्देश्यों जैसे कि रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा और संपत्ति बनाने के लिए एक फंड बनाने का लक्ष्य बना सकता है।

एचडीएफसी एमएफ में उन निवेशक की ओर से एक पौधा लगाया जाएगा, जो केवल न्यूनतम 1000 रु. प्रतिमाह के साथ डिजिटल/ऑनलाइन मोड के माध्यम से एक एसआईपी के लिए रजिस्ट्रेशन कराएग। यह रजिस्ट्रेशन रेगुलर और डायरेक्ट प्लान में इक्विटी-उन्मुख योजना (आर्बिट्रेज और इंडेक्स फंड को छोड़कर) में कम से कम 3 साल के कार्यकाल के लिए होगा। रजिस्ट्रेशन के 3 महीने की अवधि के बाद, निवेशक की ओर से एक पेड़ लगाया जाएगा और निवेशक को एचडीएफसी एमएफ से एक ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

इस सामाजिक जिम्मेदारी वाली पहल पर अपनी प्रतिक्रिया में एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के एमडी और सीईओ नवनीत मुनोत ने कहा, “निवेशकों की ओर से एसआईपी शुरू करने के बदले पेड़ लगाने की हमारी #NurtureNature पहल का उद्देश्य यह है कि निवेशक हरे भरे भारत में अपना योगदान करते हुए संपत्ति अर्जित करें। हम डिजिटल ऑन-बोर्डिंग को भी प्रोत्साहित करना चाहते हैं जो पर्यावरण का समर्थन करते हुए निवेशकों को सुविधा प्रदान करे।”

जबकि इसी मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए  ग्रो-ट्रीज़ डॉट कॉम के सीईओ बिक्रांत तिवारी ने कहा, “भारत में पेड़ लगाने के लिए एचडीएफसी एमएफ के साथ जुड़कर ग्रो-ट्रीज खुश है। अब समय आ गया है कि हम अपनी जिम्मेदारियों को समझें और प्रकृति को वापस दें जो हम इससे लेते हैं। हमें उम्मीद है कि इस पहल के साथ हम लेने और देने के इस अंतर को थोड़ा पाटने में सक्षम होंगे।”

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