शेयरों की कीमतें बढ़ने से यह बिजनेसमैन बना दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति, बिल गेट्स और जेफ बेजोस पीछे छूटे

मुंबई– दुनिया के सबसे अमीर शख्स की तगमा जेफ बेजोस से छिन गया है। अब फ्रांस के बिजनेसमैन बर्नार्ड अरनॉल्ट के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है। फोर्ब्स के रियल टाइम बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक 30 मई को बर्नार्ड के पास 192.2 अरब डॉलर की संपत्ति है। वहीं, ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के ओनर जेफ बेजोस का टोटल नेटवर्थ 487 अरब डॉलर है। 

बर्नार्ड अरनॉल्ट लग्जरी सामान बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी LVMH (Moët Hennessy Louis Vuitton) के चेयरमैन हैं। साथ ही उनके पास लुई विट्टन (Louis Vuitton) और सैफोरा जैसे 70 ब्रांड और भी हैं। बिलियनेयर्स इंडेक्स में सबसे अमीरों की लिस्ट में बर्नार्ड और जेफ बेजोस के बाद टेस्ला के CEO एलन मस्क और माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स का नंबर आता है। जो समय-समय पर नंबर वन के पायदान पर काबिज रह चुके हैं। 

बिजनेसमैन की नेटवर्थ में बढ़त की सबसे बड़ी वजह कंपनी के शेयरों में उछाल होती है। क्योंकि कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी होती है। ऐसे में जब शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की वैल्यू बढ़ती है तो इसके साथ ही नेटवर्थ भी तेजी से बढ़ती है। अब अगर एलवीएमएच के शेयरों को देखें तो एक शेयर की वैल्यू मार्च 2020 में 340 यूरो के आसपास थी, जो मई 2021 में 648 यूरो के आसपास पहुंच गई है। यानी एक साल में की पीरियड में शेयर की कीमत 90% से ज्यादा बढ़ी। 

शेयरों में उछाल का फायदा यह हुआ कि अप्रैल 2020 में उनकी नेटवर्थ जो 76 अरब डॉलर थी वह अब बढ़कर 192 अरब डॉलर हो चुकी है। यानी 13 महीने में नेटवर्थ 150% से ज्यादा बढ़ा। खास बात यह है कि बर्नार्ड की कुल संपत्ति भारत के 7 प्रमुख राज्यों की GDP से ज्यादा है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, कर्नाटक और गुजरात शामिल हैं। जिनकी कुल GDP 135.18 लाख करोड़ रुपए है, जो बर्नार्ड की कुल नेटवर्थ 139.14 लाख करोड़ रुपए से कम है। 

फ्रांस के बिजनेसमैन को देश निकाला भी दिया गया था। यह घटना 1981 की है जब सत्ता में फ्रेंच सोशलिस्ट पार्टी आई। ऐसे में बर्नार्ड ने देश से बाहर अमेरिका में समय बिताया और ठीक 3 साल बाद जब हालात सही हुए तो अपने देश लौटे। 

बर्नार्ड अरनॉल्ट ग्रेजुएशन के बाद 1971 में अपने पिता की सिविल इंजीनियरिंग कंपनी का कामकाज देखने लगे। जिसे 1976 में उन्होंने एक रियल एस्टेट कंपनी में बदल दिया। लेकिन अमेरिका से वापसी के बाद बर्नार्ड ने 1984 में बर्नार्ड ने कीमती सामान और कपड़े के कारोबार में हाथ आजमाया और लग्जरी गुड्स बनाने वाली फ्रेंच कंपनी फायनेंसियरे अगाचे और बोसेक सेंट फरेरेस का अधिग्रहण किया। अंत में 1987 में नई कंपनी एलवीएमएच की स्थापना की। 

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