बाजार की तेजी में ज्यादा फायदा देते हैं, गिरावट में ज्यादा घाटा देते हैं IPO

मुंबई– अगले महीने ढेर सारे IPO आने की तैयारी में हैं। करीबन दो दर्जन IPO अगले 2-3 महीनों में आ रहे हैं। लेकिन क्या सभी IPO में निवेश करने से फायदा होता है? आंकड़े तो ऐसा नहीं कहते हैं। दरअसल जब बाजार गिरता है तो IPO वाली कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट होती है। जब बाजार भागता है तो इन्हीं शेयरों में तेज उछाल आता है। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनियों की परख जरूर करें।  

आंकड़े देखें तो पता चलता है कि बाजार की तेजी में जो IPO चले हैं उन्होंने दोगुना से ज्यादा फायदा निवेशकों को दिया है। जैसे पॉलीकैब के IPO ने 2.11 गुना का फायदा दिया है। यह अप्रैल 2019 में लिस्ट हुआ था। IPO का मूल्य 538 रुपए था और अभी यह 1,675 रुपए पर कारोबार कर रहा है। आवास फाइनेंशियर्स के शेयर ने 1.80 गुना का फायदा दिया। इसका शेयर इस समय 2,298 रुपए पर है जबकि 821 रुपए पर कंपनी का IPO 2018 सितंबर में आया था।  

इसी तरह एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का शेयर इस समय 2,823 रुपए पर कारोबार कर रहा है। हालांकि यह एक समय 3,800 रुपए तक चला गया था। 1,100 रुपए में IPO 2018 में आया था। यानी 156% का मुनाफा दिया है। ग्लैंड फार्मा पिछले साल आया था। यब फार्मा सेक्टर का अब तक भारत में सबसे बड़ा IPO था। इसका IPO का भाव 1500 रुपए था और अब 2,792 रुपए पर है। यानी 86% का फायदा मिला है। मेट्रोपोलिस लैब का IPO 880 रुपए में आया था और यह 2,306 रुपए पर कारोबार कर रहा है। यानी 1.62 गुना फायदा इसने दिया है।  

इसी तरह जो IPO घाटा दिए हैं उन्होंने ज्यादा घाटा दिया है। जैसे कल्याण ज्वेलर्स का दो महीने पहले आया था। 87 रुपए पर आया यह शेयर अब 60 रुपए पर है। यानी 30% का घाटा दो महीनों में है। स्पंदना की बात करें तो यह 2019 में 856 रुपए पर आया था। अभी यह 587 रुपए पर है। यानी 31% का घाटा इसने दिया है। स्टर्लिंग विल्सन जो कि शापुर पालनजी ग्रुप की कंपनी है। इसने 69% का घाटा दिया है। इसका IPO 780 रुपए पर आया था और यह 243 रुपए पर कारोबार कर रहा है।  

अभी जो IPO आने वाले हैं उसें केमप्लास्ट ने 3,500 करोड़ रुपए के लिए सेबी के पास कागजात जमा कराया है। जबकि निरमा की नुवोको विस्टा ने 5 हजार करोड़ रुपए, फिनकेयर स्माल फाइनेंस बैंक ने 1330 करोड़, पेन्ना सिमेंट ने 1550 करोड़ रुपए, अप्टस वैल्यू ने 3 हजार करोड़ रुपए, गो एयर ने 3,600 करोड़ रुपए, देवयानी इंटरनेशनल ने 1 हजार करोडड़, सुप्रिया ने 1200 करोड़ और कारट्रेड ने 2 हजार करोड़ रुपए के लिए तैयारी की है। हालांकि कई IPO को पहले से ही मंजूरी भी मिली है। 

बड़े IPO जो आने वाले हैं उसमें जोमैटो 8,250 करोड़ रुपए, आधार हाउसिंग 7,300 करोड़ रुपए, सोना 6 हजार करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है। हालांकि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी भी इसी साल IPO लाएगी। वह भारतीय बाजार का सबसे बड़ा IPO लाएगी जो 80 हजार करोड़ रुपए हो सकता है। 

इस तरह देखा जाए तो ढेर सारे IPO इस साल लाइन में हैं और अच्छी खासी रकम जुटाने की योजना बना रहे हैं। शेयर बाजार इस समय अपने हाई के करीब है जहां 50 हजार से ऊपर सेंसेक्स है। पैसा जुटाने की बात करें तो साल 2020-21 यानी पिछले साल अप्रैल से इस साल के मार्च तक 39 हजार 676 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। यह पिछले 10 सालों में दूसरी बार सबसे ज्यादा जुटाई गई रकम है। इससे पहले 2017-18 में 80,479 करोड़ रुपए की रकम IPO से जुटाई गई थी।  

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