अब ट्रैक्टर की बिक्री भी रुकी, एस्कॉर्ट ने कहा दिखेगा कोरोना का असर

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर देश में ज्यादा तबाही मचा रही है। मार्च 2021 से ऑटो इंडस्ट्री एक बार फिर बैकफुट पर है। एस्कॉर्ट्स के CFO (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) भरत मदन ने कहा है कि महामारी से अब देश के गांवों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इसी के चलते ट्रैक्टर की बिक्री भी प्रभावित होगी। 

भरत मदन ने कहा कि कोविड-19 के पहले चरण में गांवों में कोई प्रभाव नहीं था, लेकिन इस बार यह गांवों तक फैला है। यह न केवल शहरी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है बल्कि राज्यों के स्तर पर लगाए गए ‘लॉकडाउन की वजह से शोरूम और सहयोगी भागीदारों की दुकानें भी बंद हैं। निश्चित रूप से इसका सभी पर गंभीर प्रभाव होगा।” 

मुझे लगता है कि अल्पकाल में इसका असर होगा। पहली तिमाही में इसका प्रभाव निश्चित रूप से पड़ेगा, लेकिन दूसरी छमाही में पिछले साल की तरह मांग आनी चाहिए। लॉकडाउन के कारण जिस मांग पर असर पड़ा था, वह दूसरी छमाही में बाहर आई थी। बुवाई का काम अभी शुरू नहीं हुआ है और इस बार यह इतना अच्छा रहने की संभावना नहीं है, लेकिन उन्हें लगता है कि दूसरी छमाही में स्थिति बेहतर होगी। सवाल यह है कि हम कितनी जल्दी इस संकट से पार पाते हैं, टीकाकरण कितनी तेजी से होता है और लोग राहत में आते हैं। 

निर्यात के बारे में उन्होंने कहा आज हम हर महीने 500 से ज्यादा ट्रैक्टर का निर्यात कर रहे हैं। इसिलिए इस साल हम 6,000 से 7,000 इकाइयों के निर्यात की उम्मीद कर रहे हैं, जो पिछले साल 4,000 से 4,500 इकाई थी। पिछले एक साल में ऑटो इंडस्ट्री के अंदर ट्रैक्टर की एक मात्र ग्रोथ वाला सेक्टर रहा है। 

फेडरशेन ऑफ ऑटोबामेबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार 2020-21 में ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन 16.11% बढ़कर 6,44,779 इकाई रही, जो 2019-20 में 5,55,315 इकाई थी। वहीं, अप्रैल 2021 में ट्रैक्टर की 38,285 यूनिट का रजिस्ट्रेशन हुआ था। हालांकि, मार्च 2021 की तुलना में रजिस्ट्रेशन 44.58% गिर गया। मार्च 2021 में 69,082 ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन हुए थे। 

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