पीपीएफ खाते से पैसे निकाल रहे हैं तो जान लें कितना चार्ज लग सकता है

मुंबई– कोरोना क्राइसिस के कारण कई लोगों को पैसों से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोग जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) से पैसा निकालने का प्लान बना रहे हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले आपको PPF से मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने के नियम और इससे पर लगने वाले चार्ज के बारें में पता होना चाहिए। हम आपको PPF से प्री-मैच्योरिटी विड्रॉल के बारे में बता रहे हैं। 

PPF अकाउंट खोलने वाले साल के बाद 5 साल तक इस खाते से पैसा नहीं निकाला जा सकता। ये अवधि पूरा होने के बाद फॉर्म 2 भरकर पैसा निकाला जा सकेगा। हालांकि 15 साल पहले पैसा निकालने पर आपके फंड से 1% की कटौती की जाएगी। यानी आप 5 साल बाद पैसे निकाल सकते हैं। 

PPF अकाउंट में जमा पर आप लोन भी ले सकते हैं। आपने जिस वित्त वर्ष में PPF अकाउंट खुलवाया है, उस वित्त वर्ष की समाप्ति के एक वित्त वर्ष बाद से लेकर पांचवें वित्त वर्ष की समाप्ति तक आप PPF से लोन लेने के हकदार हैं। अगर आपने जनवरी 2017 में PPF अकाउंट खुलवाया है तो आप 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2022 तक लोन ले सकते हैं। जमा पर अधिकतम 25% का लोन ले सकते हैं। 

PPF पर लोन लेने पर पहले लोन का मूलधन चुकाना होता है, उसके बाद ब्याज। मूलधन को दो या उससे ज्यादा इंस्टॉलमेंट या मंथली इंस्टॉलमेंट में चुकाया जा सकता है। लोन की मूलधन राशि का भुगतान जिस महीने में लोन लिया गया है, उससे 36 महीने में करना होता है। लोन के लिए प्रभावी ब्याज दर PPF पर मिल रहे ब्याज से केवल 1% ज्‍यादा रहती है। ब्याज को दो मंथली इंस्टॉलमेंट या एकमुश्त चुकाया जा सकता है। अगर आपने नियत समय के अंदर लोन का मूलधन चुका दिया है, लेकिन ब्याज का कुछ हिस्सा बाकी है तो वह आपके PPF अकाउंट से काटा जाता है। 

अगर 36 महीने में लोन का भुगतान नहीं किया गया है या सिर्फ आंशिक तौर पर उसका भुगतान हुआ है, तो बचे हुए लोन की राशि पर सालाना 6% की दर से ब्याज लगेगा। यह 6% ब्याज दर जिस महीने में लोन लिया है, उसके अगले महीने के पहले दिन से लेकर जिस महीने आखिरी किश्त का भुगतान होगा, उसके आखिरी दिन तक रहेगी। यानी पहले जो ब्याज दर 1% बन रही थी, वह लोन 36 माह के अंदर चुकता नहीं कर पाने पर लोन की शुरुआत से 6% बनेगी। अगर अकाउंट धारक की मौत हो जाती है, तो उसका नॉमिनी या उत्तराधिकारी उसके लोन का ब्याज का भुगतान करेगा। PPF पर ब्याज दरें तिमाही आधार पर बदलती हैं, लेकिन लोन की दर लोन चुकता होने तक वही रहेगी जो लोन लेते वक्त तय हुई थी। 

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