8,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए जोमैटो लाएगी IPO, सेबी के पास जमा किया कागजात

मुंबई– फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने आखिरकार IPO लाने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इसने रेगुलेटर सेबी के पास इससे संबंधित कागजात बुधवार को जमा करा दिए हैं। इसके जरिए कंपनी 8 हजार करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखी है।

बुधवार को कंपनी ने सेबी के पास ड्रॉफ्ट रेड हियरिंग प्रोसपेक्टस (DRHP) जमा कराया। किसी भी IPO के लिए सबसे पहला कदम यही होता है। इसमें कंपनी की पूरी जानकारी दी जाती है। सेबी इसका पूरा अध्ययन करेगी और इसके बाद वह IPO को मंजूरी देगी। इससे पहले जोमैटो ने 22 अप्रैल को अपनी प्रक्रिया और आंतरिक रिव्यू को पूरा कर लिया था। सेबी से मंजूरी मिलने के बाद बाजार की स्थितियों के हिसाब से IPO लाया जाएगा। सेबी की यह मंजूरी 1 साल तक रहती है। यानी 1 साल में कंपनी कभी भी IPO ला सकती है।

जोमैटो ने कुछ समय पहले ही प्राइवेट कंपनी से पब्लिक लिमिटेड कंपनी में अपने को बदला था। इसके लिए उसने जोमैटो का नाम जोमैटो लिमिटेड किया था। कंपनी 19 जनवरी 2010 को पब्लिक लिमिटेड के रूप में शुरू हुई थी। जोमैटो ने IPO से पहले 1,875 करोड़ रुपए की रकम कुछ महीनों पहले कोरा मैनेजमेंट, टाइगर ग्लोबल, फिडेलिटी आदि से जुटाई थी। यह रकम 40 हजार करोड़ के वैल्यूएशन पर जुटाई गई थी। जोमैटो का वैल्यूएशन 45-60 हजार करोड़ रुपए का इस समय है।

जोमैटो में इंफो एज की हिस्सेदारी 18.4% है। इसने अगस्त 2020 में 4.7 करोड़ रुपए जोमैटो में लगाया था। अब इसका वैल्यूएशन 7,270 करोड रुपए हो गया है। इसने दिसंबर 2020 में भी 4,950 करोड़ रुपए निवेश किया था। उस समय जोमैटो का वैल्यूएशन 30 हजार करोड़ रुपए आंका गया था। इंफोएज ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि वह जोमैटो में 750 करोड़ रुपए के शेयर IPO के दौरान बेचेगी। इंफोएज का शेयर बुधवार को 2% ऊपर 5,040 रुपए पर कारोबार कर रहा है। इसी वैल्यूएशन पर 10 निवेशकों ने जोमैटो में पैसे लगाए हैं।

जोमैटो ने वित्त वर्ष 2020 में 2,486 करोड़ रुपए का रेवेन्यू बताया था। जबकि इसका घाटा इससे ज्यादा यानी 2,451 करोड़ रुपए का था। कंपनी की शुरुआत दिपिंदर गोयल और पंकज चड्‌ढा ने फूडीबे के नाम से 2008 में की थी। बाद में इसे जोमैटो नाम दिया गया। जोमैटो में चीन की एंट फाइनेंशियल सहित अन्य कंपनियों की करीबन 20% हिस्सेदारी है। जोमैटो ने 5 नए सदस्यों को अपने बोर्ड में शामिल किया है। इसमें 4 महिलाएं हैं।

कोरोना की वजह से डिजिटाइजेशन में तेजी से ऑन लाइन सेवाओं में भी तेजी आई है। भारत कंज्यूमर मार्केट में एक बड़ा देश माना जाता है। जोमैटो के अलावा कई सारी इंटरनेट कंपनियां हैं जो IPO की तैयारी कर रही हैं। इसमें पॉलिसी बाजार, नायका, डेलहीवरी जैसी कंपनियां हैं। फ्लिपकार्ट और फ्रेशवर्क भी अमेरिका में लिस्ट होने की तैयारी में हैं।

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