इंफोसिस करेगी शेयरों का बायबैक, 14 पर्सेंट का मिल सकता है शेयरों में मुनाफा

मुंबई– देश की दिग्गज आईटी सर्विसेज कंपनी इंफोसिस शेयर बायबैक लाने पर विचार कर रही है। इसको लेकर अंतिम फैसला कंपनी की बोर्ड बैठक में 14 अप्रैल को होगा। यदि शेयर बायबैक को मंजूरी मिल जाती है तो बीते पांच सालों में यह कंपनी का तीसरा बायबैक होगा। इस शेयर बायबैक का साइज 10-12 हजार करोड़ रुपए हो सकता है। 

यह बायबैक 1650 से 1670 रुपए प्रति शेयर के बीच लाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो शेयरहोल्डर्स को करीब 14% का प्रीमियम मिल सकता है। इंफोसिस का शेयर कल 1460 रुपए पर पहुंच गया था। 14 अप्रैल को वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2021 तिमाही के वित्तीय नतीजे भी जारी किए जाएंगे। 

2017-18 में इंफोसिस 13 हजार करोड़ रुपए का शेयर बायबैक लाई थी। इसमें 1150 रुपए प्रति शेयर की दर से शेयरों का बायबैक हुआ था। इसके बाद 2019 में 8,260 करोड़ रुपए का शेयर बायबैक हुआ था। इसमें कंपनी ने 800 रुपए प्रति यूनिट की दर पर शेयर वापस खरीदे थे। बीते 1 साल में इंफोसिस अपने शेयरहोल्डर्स को दो बार डिविडेंड का भुगतान कर चुकी हैं। इसमें शेयरहोल्डर्स को औसतन 21.5 रुपए प्रति यूनिट का डिविडेंड मिला है। 

वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस ने बीते 9 साल की सबसे अच्छी ग्रोथ दर्ज की थी। इस तिमाही में कंपनी की ग्रोथ 5.3% रही थी। तीसरी तिमाही के नतीजों की बदौलत कंपनी पूरे वित्त वर्ष में 4.5-5% की ग्रोथ की उम्मीद जता रही है। इससे पहले कंपनी में 2-3% ग्रोथ का अनुमान जताया था। बैलेंस शीट के अनुसार, दिसंबर 2020 तक कंपनी के पास 33,157 करोड़ रुपए का कैश और करेंट इन्वेस्टमेंट था। सेबी के नियमों के मुताबिक, कंपनी अपनी कुल नेटवर्थ का 25% हिस्सा शेयर बायबैक कार्यक्रम में इस्तेमाल कर सकती है। 

सोमवार को BSE में इंफोसिस का मार्केट कैप करीब 6.2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया था। मार्केट कैप के लिहाज से इंफोसिस देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी है। मार्केट कैप में इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक का नंबर आता है। बीते 1 साल में इंफोसिस का शेयर 126% चढ़ चुका है।  

शेयरहोल्डर्स को पूंजी लौटाने के लिए बायबैक एक टैक्स किफायती तरीका है। बीते चार सालों में आईटी कंपनियों ने डिविडेंड और बायबैक के जरिए पेआउट बढ़ाया है। 2017 से अब तक टीसीएस और विप्रो तीन बार बायबैक ला चुकी हैं। जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजी 2 बार बायबैक लाई है। विप्रो 2019 में करीब 14 हजार करोड़, 2017 में 11 हजार करोड़ और 2016 में 2500 करोड़ रुपए का बायबैक लाई थी। 

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