योगी सरकार का अजब कारनामा, आईपीएस अधिकारी से सुरक्षा वापस लेकर अतीक अहमद के गनर को सुरक्षा दी, 36 मामले दर्ज हैं

मुंबई– कहने को तो योगी सरकार बहुत सख्त है, लेकिन एक रिटायर आईपीएस अधिकारी की सुरक्षा वापस लेकर उसने अतीक अहमद जैसे गुंडे के गनर को सुरक्षा दे दी। इस गनर पर 36 मुकदमें दर्ज हैं। योगी सरकार के इस फैसले ने पूरे राज्य को हिला दिया है।

बता दें कि पहले तो आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जबरिया रिटायर कराया गया। साथ ही उनकी इतने सालों तक की लंबी सेवा के लिए कोई विदाई तक नहीं रखी गई, अमूमन जो रीति रिवाज है और जो हर रिटायर अधिकारी के लिए रखी जाती है। जैसे ही वे रिटायर हुए, उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई। अब भारी भरकम सुरक्षा अतीक अहमद जैसे गुंडों की सुरक्षा के लिए दी जा रही है। यानी एक पुलिस कर्मचारी अब गुंडों की सुरक्षा करेगा। जिस अतीक अहमद व उसके गिरोह के खिलाफ हाल ही में ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई, उसी के सबसे कुख्यात शूटर आबिद को पुलिस ने सरकारी गनर उपलब्ध करा दिया है।

राजूपाल, अल्कमा-सुरजीत दोहरे हत्याकांड समेत 36 मुकदमों के इस आरोपी को सशस्त्र पुलिसकर्मी प्रदान किया गया है, जो 24 घंटे उसकी सुरक्षा में तैनात रहेगा। पुलिस अफसरों का कहना है कि उसकी जान को खतरा है और इसी को देखते हुए ऐसा किया गया है। मरियाडीह निवासी आबिद उर्फ प्रधान पुत्र अनवारुल हक उर्फ बच्चा मुंशी अतीक अहमद गैंग का शॉर्प शूटर है। राजूपाल हत्याकांड, मरियाडीह दोहरे हत्याकांड समेत कई सनसनीखेज वारदातों में वह अतीक के साथ सहअभियुक्त है। वह धूमनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है, जिसका हिस्ट्रीशीट नंबर 121ए है।

बीते 23 दिसंबर को माफिया के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विकास प्राधिकरण ने उसके अवैध रूप से निर्मित करोड़ों के आलीशान मकान को भी बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी कुख्यात अपराधी को चार दिन पहले जिला पुलिस की ओर से सरकारी गनर दे दिया गया। पुलिस लाइन में बुलाकर उसे सशस्त्र पुलिसकर्मी उपलब्ध कराया गया जो 24 घंटे उसकी सुरक्षा में तैनात रहेगा।

हैरत वाली एक बात यह भी है कि जिस आबिद उर्फ प्रधान को सरकारी गनर उपलब्ध कराया गया, 10 दिन पहले उसके ही खिलाफ जिला पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है। 16 मार्च को धूमनगंज पुलिस ने उस पर गुंडा एक्ट लगाया है। यही नहीं पंचायत चुनावों के मद्देनजर उसे जिला बदर करने की संस्तुति करते हुए भी रिपोर्ट भेजी गई है।

चौकी फूंकने, सिपाही से एके-47 लूट में भी नामजद
आबिद मरियाडीह गांव का प्रधान रह चुका है और वर्तमान में उसकी पत्नी प्रधान है। 2012 में मरियाडीह बवाल में भी वह आरोपी है। जुआरियों को पकडने गई टीम पर हमले के बाद उपद्रवियों ने बम्हरौली पुलिस चौकी फूूंकने के साथ ही एक अफसर के गनर की एके-47 लूट ली थी। उस पर पिछले साल भी रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज हुआ था। आबिद के दामाद व कभी अतीक के बेहद करीबी रहे जैद ने 2019 में खुद को देवरिया जेल में ले जाकर पीटने का आरोप लगाते हुए अतीक समेत 15 लोगों पर केस दर्ज कराया था।

आबिद माफिया अतीक के गिरोह का सबसे सक्रिय सदस्य व हार्ड कोर अपराधी है। उस पर दर्ज तीन दर्जन मुकदमों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी मांगने से लेकर गैंगस्टर तक के मामले शामिल हैं। पिछले साल मई में रेंज स्तर पर तैयार की गई अतीक अहमद के 66 सहयोगियों की सूची मे उसका नाम पहले नंबर पर था।

अफसर बोले, जान को है खतरा
आबिद उर्फ प्रधान को गनर उपलब्ध कराए जाने के मामले में पुलिस अफसरों का साफ कहना है कि उसकी सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है। डीआईजी/एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी का कहना है कि जान-माल की सुरक्षा को खतरा होने की स्थिति में सरकारी गनर उपलब्ध कराया जाता है। इसी आधार पर आबिद को भी गनर दिया गया है।

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