IRFC ने बांड से जुटाया 1,375 करोड़ रुपए, 6 गुना भरा इश्यू

मुंबई– इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने बांड जारी कर 1,375 करोड़ रुपए जुटाया है। शुक्रवार को इस बांड को जारी किया गया था। इसकी अवधि 20 सालों की है। इस बांड इश्यू को निवेशकों की ओर से काफी अच्छा रिस्पांस मिला है।  

आंकड़ों के मुताबिक, यह इश्यू 6 गुना सब्सक्राइब्ड हुआ है। इसका बेस साइज 500 करोड़ रुपए का था। इस रिस्पांस ने आने वाले समय में इस तरह के सेगमेंट के बांड के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। IRFC भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, विस्तार और ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कंपनी को चालू वित्त वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपए उधारी लेने की मंजूरी मिली हुई थी। कंपनी ने इस सालाना लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इसे घरेलू और विदेशी निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला है।  

IRFC ने शुक्रवार को वार्षिक आधार पर मैच्योरिटी सॉवरेन बांड (maturity sovereign bonds) को जारी किया था। इस बांड को लगभग 10 आधार (BPS) अंक कम पर जुटाया गया है। हाल के समय में यह पहला उदाहरण है जब एक टॉप रेटेड कॉर्पोरेट बांड ने कम दर पर घरेलू बाजार में लंबी अवधि के लिए पैसा जुटाया है। 

इस फंड रेजिंग से कॉर्पोरेट बांड बाजार में एक संभावित रैली दिख रही है। इसमें उधारकर्ताओं (borrowers) के लिए फंडिंग कॉस्ट कम रहने वाली है। IRFC ने 6.80% की ऑफरिंग करने वाले लोकल बांडों के माध्यम से 20.1 वर्ष वाले मैच्योरिटी के साथ 1,375 करोड़ रुपए जुटाए। क्लीयरिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के आंकड़े बताते हैं कि 2041 में मैच्योर होने वाले सरकारी पेपर का ब्याज 6.90% है। जबकि IRFC ने इससे 10 BPS कम पर पैसा जुटाया है।  

बाजार के जानकारों के मुताबिक, देश के सबसे बड़े डेट निवेशक EPFO ने प्राइमरी डील का सबसे बड़ा का हिस्सा खरीदा है। इसी महीने में रिटायरमेंट बॉडी EPFO ने प्रॉविडेंट फंड जमा पर 8.50% रिटर्न देने का फैसला किया था।  

जानकारों के मुताबिक, अभी फ़िलहाल डिमांड सप्लाई का खेल चल रहा है। लांग टर्म संस्थागत निवेशकों के पास निवेश करने के लिए पैसा है। लेकिन प्राइमरी इश्यू आगे नहीं बढ़ रहे हैं। इससे उन निवेशकों के पास बहुत सीमित विकल्प बचे हैं जिनके पास लिक्विडिटी का सरप्लस है। इसी तरह की मैच्योरिटी वाले मौजूदा IRFC बांड 7-7.05% के दायरे में ब्याज दे रहे हैं।  

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