म्यूचुअल फंडों ने फरवरी में इन शेयरों में की ज्यादा खरीदी, बैंकिंग स्टॉक सबसे पसंदीदा शेयर

मुंबई– आप रिटेल निवेशक हैं तो म्यूचुअल फंडों की आदत का आप पालन कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड हाउस ने फरवरी में क्या खरीदा और क्या बेचा उसके आधार पर आप शेयरों का चयन कर सकते हैं। फरवरी में हालांकि फंड हाउसों के लिए बैंकिंग सेक्टर सबसे पसंदीदा सेक्टर रहा है।  

फरवरी में जिन लॉर्ज कैप शेयरों में खरीदी म्यूचुअल फंडों ने की, उसमें प्रमुख रूप से इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, DLF, गोदरेज कंज्यूमर, ग्लैंड फार्मा, आयशर मोटर्स, अदाणी ट्रांसमिशन और NTPC थे। इसमें सबसे ज्यादा NTPC का वैल्यू था जो 20 हजार करोड़ रुपए था। जिन शेयरों को बेचा गया उसमें पंजाब नेशनल बैंक (PNB), IDBI, अदाणी इंटरप्राइजेज, हिंदुस्तान जिंक, बंधन बैंक, पिरामल इंटरप्राइजेज, बायोकॉन और इंडस टॉवर के साथ ब्रिटानिया के शेयर थे। इसमें ब्रिटानिया का वैल्यू 4,004 करोड़ रुपए था। 

मिड कैप की बात करें तो टॉप 10 में L&T फाइनेंस, स्टील अथॉरिटी, IRCTC, GMR इंफ्रा, डालमिया भारत, पॉलीकैब, LIC हाउसिंग और RBL बैंक के शेयरों की खरीदी की गई। इसमें सबसे ज्यादा वैल्यू LIC हाउसिंग का था जो 2,134 करोड़ रुपए था। मिड कैप में बिकने वाले शेयरों में जी इंटरटेनमेंट, न्यू इंडिया इंश्योरेंस, सन टीवी, निप्पोन लाइफ इंडिया, डिक्सन टेक, टाटा केमिकल, अमार राजा बैटरी, टाटा कम्युनिकेशन, अपोलो हॉस्पिटल और अलेंबिक फार्मा जैसे शेयर थे।  

स्माल कैप की बात करें तो टॉप 10 में वी मार्ट रिटेल, इंडिया बुल्स रियल इस्टेट, फिलिप्स कॉर्बन, ग्रेफाइट, पीवीआर, इंडिया बुल्स हाउसिंग और अन्य शेयर थे। जिन शेयरों को बेचा गया उसमें अलकार्गो लॉजिस्टिक्स, इंजीनियर्स इंडिया, केआरबीएल, रूट मोबाइल, जस्ट डायल, थायरोकेयर और एबीबी पावर आदि हैं।  

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी एसबीआई म्यूचुअल फंड ने सबसे ज्यादा पंजाब नेशनल बैंक का 2.16 करोड़ शेयर खरीदा है। टॉप 10 शेयरों में होल्डिंग की बात करें तो एलआईसी हाउसिंग में इसकी होल्डिंग 6 गुना बढ़ी है। माइंडट्री में इसने 1.69 गुना होल्डिंग बढ़ाई है। पीवीआर में इसने 24 लाख शेयर खरीदे हैं। जबकि इंडिगो की कंपनी इंटरग्लोब का 8 लाख शेयर खरीदा है।  

एचडीएफसी बैंक में इसके कुल शेयरों की वैल्यू फरवरी में 24,655 करोड़ रुपए रही है। जनवरी में यह 22,407 करोड़ रुपए थी। बैंक के 16.07 करोड़ शेयर इस म्यूचुअल फंड के पास हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के 8.36 करोड़ शेयर हैं और इसकी वैल्यू 17,425 करोड़ रुपए है। आईसीआईसीआई बैंक के 25.81 करोड़ शेयर हैं और इसकी वैल्यू 15,430 करोड़ रुपए है। इंफोसिस के 11.75 करोड़ शेयरों की वैल्यू 14,729 करोड़ रुपए है। एचडीएफसी के शेयरों की वैल्यू 12,214 करोड़ रुपए, कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों की वैल्यू 8,357 करोड़ रुपए है। इसके अलावा प्रमुख शेयरों में एसबीआई, टीसीएस, एक्सिस बैंक और एयरटेल हैं। मतलब टॉप 10 में 5 बैंकिंग वाले शेयर एसबीआई म्यूचुअल फंड के पास हैं।  

दूसरे नंबर की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने फरवरी में आरबीएल बैंक, एमआरएफ, एमसीएक्स, टाटा मोटर्स, अदानी पोर्ट, कोलगेट, वी मार्ट के शेयरों को खरीदा है। इसकी सबसे ज्यादा होल्डिंग आईसीआईसीआई बैंक में है। कुल 18.20 करोड़ शेयरों की वैल्यू 10,878 करोड़ रुपए है। एयरटेल के 15.14 करोड़ शेयरों की वैल्यू 8,422 करोड़ रुपए है। इंफोसिस के 6.62 करोड़ शेयर, एचडीएफसी बैंक के 4.67 करोड़ शेयर, एनटीपीसी के 64.95 करोड़ शेयर और एक्सिस बैंक के 8.64 करोड़ शेयर इस म्यूचुअल फंड के पास हैं।  

तीसरे नंबर की कंपनी एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने जिन 10 शेयरों में फरवरी में खरीदी की उसमें प्रमुख रूप से रेलटेल कॉर्प, डाबर इंडिया, टाटा पावर, अदाणी पोर्ट, एमसीएक्स, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, एशियन पेंट्स और इंडसइंड बैंक हैं। इसके पास एसबीआई के 26.56 करोड़ शेयर हैं जिनकी वैल्यू 10,362 करोड़ रुपए है। आईसीआईसीआई बैंक के 16.83 करोड़ शेयरों की वैल्यू 10 हजार 61 करोड़ रुपए, इंफोसिस के 5.77 करोड़ शेयरों की वैल्यू 7,227 करोड़ रुपए है। एचडीएफसी बैंक के इसके पास 3.98 करोड़ शेयर हैं। इसकी वैल्यू 6,110 करोड़ रुपए है। अन्य शेयरों में एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया हैं।   

कोटक म्यूचुअल फंड ने फरवरी में सरकारी शेयरों में दिलचस्पी दिखाई है। इसमें उसने नेशनल अल्यूमिनियम, पावर फाइनेंस, पावर ग्रिड, इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों के शेयरों को खरीदा है। इनके अलावा डीएलएफ, टाटा मोटर्स में भी खरीदी की है। इसकी टॉप होल्डिंग में बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक के शेयर हैं।  

फरवरी लगातार आठवां महीना रहा है, जिसमें इक्विटी म्यूचुअल फंड से निवेशकों ने पैसा निकाले हैं। कुल 4,500 करोड़ रुपए इक्विटी से निकाले गए हैं। जबकि जनवरी में 9,300 करोड़ रुपए निकाले गए थे। इसी दौरान फरवरी में एसआईपी का योगदान घट कर 7,528 करोड़ रुपए रह गया है। जनवरी में यह 8,023 करोड़ रुपए था।  

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