टैक्स नहीं भी भरना हो, तो भी आईटीआर फाइल जरूर करें, जानिए कितने काम का है इनकम टैक्स रिटर्न

मुंबई– साल 2020-21 के लिए 31 मार्च तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना है। अगर आपकी आमदनी टैक्स छूट की सीमा के अंदर आती है, तो आपके लिए ITR फाइल करना जरूरी नहीं है। लेकिन अगर आप ITR फाइल करते हैं, तो इससे आपको कई फायदे होते हैं। इससे लोन मिलने में होती आसानी होती है और खुद का बिजनेस शुरू करने में तिलती है मदद। 

ITR आपकी इनकम का प्रूफ होता है। इसे सभी सरकारी और प्राइवेट संस्थान इनकम प्रूफ के तौर पर स्‍वीकार करते हैं। अगर आप बैंक लोन के लिए आवदेन करते हैं तो ज्यादातर बैंक और एनबीएफसी आपसे पिछले 3 सालों की RTI रिसिप्ट की मांग करते हैं। अगर आप नियमित तौर पर ITR फाइल करते हैं तो आपको बैंक से आसानी से लोन मिल जाता है। 

अगर आप किसी दूसरे देश में जा रहे हैं तो वीजा के लिए जब आप आवेदन करते हैं तो आपसे इनकम टैक्‍स रिटर्न मांगा जा सकता है। कई देशों की वीजा अथॉरिटीज वीजा के लिए 3 से 5 साल का ITR मांगते हैं। ITR के जरिए वे चेक करते हैं कि जो आदमी उनके देश में आना चाहता है कि उसका फाइनेंशियल स्‍टेटस क्‍या है। 

ITR रसीद आपके पंजीकृत पते पर भेजी जाती है, जो एड्रेस प्रूफ के रूप में काम कर सकती है। इसके अलावा यह आपके लिए इनकम प्रूफ का भी काम करती है। अगर आप खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो ITR भरना बहुत जरूरी है। इसके अलावा अगर आप किसी विभाग के लिए कॉन्ट्रेक्ट हासिल करना चाहते हैं तो आपको ITR दिखाना पड़ेगा। किसी सरकारी विभाग में कॉन्ट्रेक्ट लेने के लिए भी पिछले 5 साल का ITR देना पड़ता है। 

अगर आप एक करोड़ रुपए का बीमा कवर (टर्म प्लान) लेना चाहते हैं तो बीमा कंपनियां आपसे आईटीआर मांग सकती हैं। वास्तव में वे आपकी आय का स्रोत जानने और उसकी नियमितता परखने के लिए ITR पर ही भरोसा करती हैं। जिन लोगों की इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती है इसके बाद भी रिटर्न फाइन करते हैं, ऐसे लोगों की संख्या में कमी आई है। साल 2017-18 में ऐसे लोगों की संख्या में 2016-17 के मुकाबले 29% की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं साल 2020-21 में ये ग्रोथ घटकर 7% रह गई है। 

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