पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 8.5 रुपए प्रति लीटर की हो सकती है कटौती

मुंबई– सरकार पेट्रोल और डीजल को सस्ता करने के लिए बड़ा फैसला ले सकती है। खबर है कि इन दोनों पर एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर 8.5 रुपए की कटौती हो सकती है। हालांकि इस कटौती के बाद भी सरकार का पेट्रोल और डीजल से जो रेवेन्यू जुटाने का लक्ष्य है, उस पर कोई असर नहीं होगा। 

सोमवार को ही सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट को GST में लाना चाहिए। केंद्र सरकार ने पिछले 12 महीनों में दो बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है। वित्त मंत्रालय इस संबंध में कुछ राज्यों से भी चर्चा कर रहा है कि वे टैक्स घटा दें। 

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2022 यानी अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक कीमतों में कोई कटौती नहीं होती है तो सरकार को 4.35 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलेगा। जबकि उसका अनुमानित लक्ष्य 3.2 लाख करोड़ रुपए का है। यदि 1 अप्रैल 2021 से पहले 8.5 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटती है तो जो सरकार का वित्त वर्ष 2022 का बजट अनुमान में लक्ष्य था, वह उसे मिल जाएगा।  

रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि पेट्रोल और डीजल की मांग में रिकवरी हो रही है, इसलिए कटौती संभव है। मार्च 2020 से मई 2020 के दौरान पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 13 रुपए और डीजल में 16 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई थी। इस समय पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 31.8 रुपए और डीजल पर 32.9 रुपए प्रति लीटर लग रही है। यह एक्साइज ड्यूटी तब बढ़ाई गई थी जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार कम हो रही थीं।  

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने रिपोर्ट में कहा है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार पेट्रोल पर 60% टैक्स ले रही हैं, जबकि डीजल पर 54% टैक्स ले रही हैं। पेट्रोल की कीमतें इस समय कुछ राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और राजस्थान में 100 रुपए हैं तो कुछ जगहों पर 91 रुपए प्रति लीटर हैं। दिल्ली में यह 91.17 रुपए है। डीजल 81.47 रुपए प्रति लीटर है। राज्यों में कीमतों में अंतर इसलिए है क्योंकि राज्य सरकार अलग से वैट लगाकर पेट्रोल और डीजल पर कमाई करती है।  

आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2016 के दौरान सरकार ने 9 बार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। उस समय के 15 महीनों में सरकार ने पेट्रोल पर 11.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13.47 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। इससे सरकार को 2016-17 में 2.42 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था। जबकि 2014-15 में उसे केवल 99 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था।   

सरकार ने अक्टूबर 2017 में एक्साइज डयूटी में 2 रुपए और एक साल बाद 2018 में 1.5 रुपए प्रति लीटर कटौती की थी। हालांकि जुलाई 2019 में इसमें फिर से 2 रुपए प्रति लीटर की ड्यूटी बढ़ा दी गई थी। मार्च 2020 में 3 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाई गई थी। मई में सरकार ने फिर से 10 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पर और 13 रुपए प्रति लीटर डीजल पर ड्यूटी बढ़ाई थी।  

हाल में पेट्रोल डीजल की कीमतों के बढ़ने से ट्रक ढुलाई कुछ राज्यों में महंगी हो गई है। स्थानीय स्तर पर सब्जियों की कीमतों में 1-3 रुपए प्रति किलो की बढ़त हुई है।   

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