बारह वर्षों से नागरिक लाभ-टैक्स दे रहे हैं लेकिन आज तक लाभ नहीं मिल पाया

आर.एस. त्रिपाठी 

मुंबई– महाराष्ट्र के मीरा भाईंदर शहर में पिछले बारह वर्षों से अंडरग्राउंड सिवेज का लाभ कर वसूला जा रहा है। यह कार्य-योजना ज बसे शुरू हुई तबसे ही यहां के प्रापर्टी टैक्स पेयर्स पालिका को भूय्यारी गटर यानी अंडरग्राउंड सिवेज से लाभ लेने के एवज में लाभ-कर चुका रहे हैं। है न हास्यास्पद। अंडरग्राउंड सिवेज का कार्य कब पूरा होगा शायद किसी को भी पता नहीं है। 

सन् 2009 में अंडरग्राउंड सिवेज का कांट्रेक्ट एस पी एल कम्पनी को कुछ शर्तों के तहत दी गई। जिसमें एक शर्त यह भी दी गई कि, यह कार्य पांच वर्ष के अंदर पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन इस कार्य को शुरू हुए बारह वर्ष हो गए हैं बावजूद इसके शहर की तकरीबन पचास प्रतिशत एरिया में इस कार्ययोजना को शुरू तक नहीं किया गया। पालिका द्वारा इस आधे-अधूरे कार्य के लिए तकरीबन साढ़े छे सौ करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। जबकि इस कार्ययोजना के लिए २००९ के कांट्रेक्ट में तकरीबन 361 करोड़ का प्राविधान रखा गया था। सन् 2015-16  

आर टी आई के तहत मिली जानकारी के मुताबिक 555 करोड़ खर्च किए जा चुके थे। 

गौरतलब है कि, तकरीबन९३ नगर सेवक और नगर सेविकाओं द्वारा भूय्यारी गटर के इस भ्रष्टाचार पर कभी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। वहीं मीरा भाईंदर के दोनों आमदार भी आज तक यहां के टैक्स पेयर्स के साथ हो रही इस गैरवाजिब मनपा की टैक्स वसूली के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलते। इस 12 में तकरीबन दो चुनाव सम्पन्न हुए। लेकिन यह मूद्दा अन्छूआ रह गया। जानकारों की राय में भुय्यारी गटर में स्वाहा करोड़ों रुपए की सुगंध शायद सबको अपनी अपनी पहुंच के हिसाब से मिल रही है। और लोग हैं कि अपने अपने नेताओं की जयकारे लगाने में मशगूल हैं। ऐसे में शहर के विकास की बात अप्रासंगिक लगने लगती है।  

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