यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए शेयर बाजार से निवेशक कमा रहे हैं पैसे

मुंबई– कोरोनाकाल में लॉकडाउन के कारण जब सबकुछ बंद हो गया था तो लोगों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया था। बड़े से लेकर छोटे तक, सभी प्रकार के कारोबारों में बंदी हो गई थी। इससे लाखों-करोड़ों लोगों की कमाई ठप हो गई थी। इस दौरान लोगों ने कमाई के नए अवसर तलाशने शुरू किए। इसमें यूट्यूब स्टार्स और ब्रोकिंग हाउसेज के ऐप्स ने उनकी मदद की। इस कारण कोरोनाकाल में करोड़ों नए निवेशक शेयर बाजार से जुड़े। इसमें से बड़ी संख्या में निवेशकों ने अच्छा-खासा रिटर्न भी कमाया। आज हम आपको कोरोनाकाल में शेयर बाजार से जुड़ने वाली कुछ कहानियां बताने जा रहे हैं। इसमें दूसरों को टिप्स देने वाली कहानियां भी शामिल हैं। 

ऑटो रिक्शा वाले जानने लगे म्यूचुअल फंड में निवेश के तरीके 

सबसे पहले हम यूट्यूब पर हिन्दी भाषा में स्टॉक एजुकेशन से जुड़ा चैनल FinnovationZ चलाने वाले प्रसाद लेंडवे (Prasad Lendwe) की कहानी सुनाते हैं। प्रसाद का कहना है कि उनके दोस्त अक्सर उनसे म्यूचुअल फंड या इक्विटी में निवेश के बारे में पूछते रहते हैं। नवंबर 2020 में हैदराबाद से मलकापुर के एक ट्रिप को याद करते हुए प्रसाद बताते हैं कि अब एक ऑटो रिक्शा वाला भी 500 रुपए प्रति महीने के म्यूचुअल फंड शुरू करने के बारे में जानना चाहता है। 

प्रसाद कहते हैं कि जब मैंने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था तो कोई भी स्टॉक में निवेश के बारे में इच्छुक नहीं थी। मेरे कुछ ही फॉलोअर थे। प्रसाद ने स्टॉक मार्केट की कुछ बेसिक बातों को लेकर 2014 में सबसे पहला वीडियो यूट्यूब चैनल पर शेयर किया था। आज उनके पास 43 लोग काम करते हैं। यह लोग कंटेंट तैयार करने और सेल्स में मदद करते हैं। 2019 के बाद से अब तक प्रसाद के यूट्यूब चैनल के फॉलोअर्स की संख्या तीन गुना बढ़कर 1.38 मिलियन पर पहुंच गई है। हाल ही में प्रसाद ने एक वीडियो के जरिए बर्गर किंग के IPO को खरीदने के टिप्स दिए थे। उनके इस वीडियो को 2.75 लाख व्यूज मिले हैं। 

अमेरिका में नए निवेशक रॉबिनहुड मार्केट्स इंक और अन्य फ्री ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर पैसा खर्च करते हैं। इसके बाद ही निवेशक शेयर बाजार में निवेश करते हैं। भारत में प्रसाद जैसे यूट्यूब इन्फ्लुएंसर और स्टॉक की टिप्स देने वाले प्राइवेट सोशल मीडिया चैट ग्रुप्स की लहर सी है। इस कारण जिरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड, एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड और पेटीएंम ब्रोकर ऐप पर लाखों निवेशकों की बाढ़ सी आ गई है। 

स्टॉक मार्केट में निवेश के टिप्स देने वाले प्राइवेट चैट ऐप्स भी नौसिखिया निवेशकों को काफी लुभा रहे हैं। ऐसे ही एक निवेशक आरोन जोसेफ बताते हैं कि एक टेलीग्राम ग्रुप पर मिली टिप्स के बाद ही वह शेयर बाजार से जुड़े हैं। यह टेलीग्राम ग्रुप MBA प्रोग्राम में पढ़ने वाले जोसेफे के साथियों की ओर से चलाया जा रहा है। जोसेफ पहले अहमदाबाद में एक स्टार्टअप में काम करते थे। जोसेफ का कहना है कि है उन्होंने शुरुआत में JSW Steel Ltd में निवेश के जरिए पैसा कमाया, लेकिन अब उनका पोर्टफोलियो गिरावट में चल रहा है। जोसेफ ने टाटा मोटर्स लिमिटेड में भी निवेश किया है। इसके लिए उन्हें टेलीग्राम पर टिप मिली थी। 

पिछले साल 1 करोड़ से ज्यादा नए निवेशक जुड़े 

कोरोना के कारण मार्च में लगाए गए अधिकांश प्रतिबंध अब हट गए हैं। पिछले साल भारत में करीब 1 करोड़ नए निवेशक शेयर बाजार से जुड़े हैं। इसमें अधिकांश रिटेल निवेशक शामिल रहे हैं। एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के ताजा डाटा के मुताबिक, जनवरी 2020 के मुकाबले जनवरी 2021 में भारत का औसत रोजाना स्टॉक टर्नओवर करीब दोगुना बढ़कर 16.3 लाख करोड़ रुपए हो गया है। 

एंजल ब्रोकिंग ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि दिसंबर तक बीते तीन महीने में उसके प्लेटफॉर्म से 5.10 लाख नए निवेशक जुड़े हैं। इन नए निवेशकों में अधिकांश गैर-अनुभवी हैं। जबकि आधे से ज्यादा निवेशक छोटे कस्बों और शहरों से जुड़े हैं। एंजल ब्रोकिंग की तरह कम फीस पर ब्रोकिंग सेवाएं देने वाली फर्म जिरोधा ने हाल ही में कहा था कि अप्रैल 2020 से अब तक उसके प्लेटफॉर्म से हर तिमाही करीब 5 लाख नए निवेशक जुड़े हैं। जबकि 2020 की पहली तिमाही में केवल 2.80 लाख नए निवेशक जुड़े थे।  

एक गैर-सरकारी संस्था में काम करने वाले अपूर्व का कहना है कि उन्होंने स्टॉक मार्केट में निवेश शुरू किया है। अपूर्व के मुताबिक, जिरोधा के ऐप पर खाता खोलने के लिए आपको घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। ना ही आपको ब्रोकरेज चार्ज के बारे में जानने की आवश्यकता है और ना ही 500 से ज्यादा प्रकार के डॉक्यूमेंट का प्रिंट लेना जरूरी है। अपूर्व स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं। उन्होंने सबसे पहले HDFC बैंक के शेयर खरीदे हैं। 

रिटेल निवेशकों की बाढ़ की बदौलत बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क सेंसेक्स मार्च के रिकॉर्ड-लो से अब तक करीब दोगुने पर पहुंच गया है। बीते 6 महीने में BSE सेंसेक्स ने क्षेत्रीय और अमेरिकी शेयर बाजारों को पछाड़ दिया है। इसके अलावा भारत के इंडीविजुअल निवेशक इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।  

एनालिस्टों का कहना है कि ऐप पर आसान ट्रेडिंग गैर-अनुभवी निवेशकों के लिए जोखिम भी बन सकती है। ई-कॉमर्स जैसे प्लेटफॉर्म्स ने स्टॉक को मोबाइल या साबुन की तरह ऑनलाइन खरीदने जैसा आसान बना दिया है। इस प्रकार की ट्रेडिंग के कारण मौलिक मूल्यों ने अपनी प्रासंगिकता खो दी है और लिक्विडिटी सब कुछ चला रही है। HDFC सिक्युरिटीज लिमिटेड में रिटेल रिसर्च के हेड दीपक जासानी कहते हैं कि बाजार में गिरावट उन रिटेल निवेशकों के लिए एक परीक्षा होगी, जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से टिप्स लेते हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *