एचडीएफसी बैंक ने एसबीआई को दिया झटका, ECLGS में ज्यादा बांटा लोन

मुंबई- सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) को फायदा पहुंचाने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) शुरू की थी। इस योजना के तहत सबसे ज्यादा लोन HDFC बैंक ने बांटे हैं। यह योजना MSMEs को आसानी से लोन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी। 

इस स्कीम के तहत 25 जनवरी 2021 तक 1.4 लाख करोड़ का लोन बांटा गया है। HDFC ने इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 23,504 करोड़ रुपए का कर्ज बांटा है जो कुल रकम का 17% है। वहीं देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने 18,700 करोड़ रुपए का लोन बांटा है, जो कुल रकम का 13.3% है। ECLGS स्कीम को दो चरणों में लाया गया था। ECLGS-1 केवल छोटे व्यवसायों के लिए थी और दूसरे ECLGS-2 में इसे बड़े उद्योगों के लिए बढ़ाया गया था। 

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि ECLGS के तहत 2 लाख करोड़ रुपए का लोन स्वीकृत किया गया। इसमें से 1.40 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जा चुका है। 1.40 लाख करोड़ रुपए में से 83,162 करोड़ रुपए का लोन प्राइवेट बैंकों ने जबकि 61,226 करोड़ रुपए का लोन सरकारी बैंकों ने बांटा है। पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि प्राइवेट बैंक और गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (NBFC) भी MSME को लोन देने के मामले में आगे आए हैं। हालांकि लॉकडाउन के दौरान NBFC के लोन बांटने के मामले में कमी आई है। 

इस स्कीम का उद्देश्य कोरोना संकट के कारण उन MSME फर्म्स को आर्थिक सहायता देना है जो दिक्कतों का सामना कर रही हैं। कोरोना संकट के चलते MSME सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और दूसरी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इस स्कीम के लिए सरकार ने 3 लाख करोड़ की राशि रखी है। यह स्कीम इस साल 31 मार्च या पूरी राशि का आवंटन हो जाने तक (जो भी पहले हो) के लिए जारी है। 

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