बंगलुरू के मुठ्‌ठी भर इंजीनियर्स के साथ 2004 में अमेजन ने शुरू की थी भारत की यात्रा

मुंबई– अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस अब कंपनी के बोर्ड में भूमिका निभाएंगे। हाल में उन्होंने सीईओ पद छोड़ने की घोषणा की थी। लेकिन उनके नजरिए से 21 वीं सदी भारत की होगी। यही कारण है कि हाल के सालों में जेफ बेजोस ने भारत पर जमकर फोकस किया है। वे हर सेक्टर में अपनी मौजूदगी दिखा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा असर रिलायंस जियो के ई-कॉमर्स और फ्लिपकार्ट पर होगा, जो इसी सेक्टर में मौजूद हैं।  

कुछ समय पहले जब बेजोस भारत में थे। वो मुकेश अंबानी और किशोर बियानी सहित उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं के साथ बंद दरवाजों में बैठकें कर रहे थे। उन्होंने बॉलीवुड सितारों के साथ नजदीकियां बढ़ाई। प्रतिष्ठित ताजमहल का दौरा किया। बच्चों के साथ पतंग उड़ाया और भारतीय स्ट्रीट फूड का भी जायजा लिया। यहां तक कि उन्होंने मुंबई के एक किराना स्टोर से एक कस्टमर को पैकेज भी दिया और इस तस्वीर को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया।  

उनके सीईओ के पद से हटने के बाद बहुत कुछ बदल गया है। वह अमेज़न बोर्ड को धीरे-धीरे सभी जिम्मेदारी दे देंगे। हालांकि वे बोर्ड में बने रहेंगे। कंपनी के क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) के प्रमुख एंडी जैसी को 2021 की तीसरी तिमाही में सीईओ की जिम्मेदारी दे दी जाएगी। 

बेजोस के नेतृत्व में अमेजन ने 2013 के रूप में भारत को एक रणनीतिक बाजार के रूप में पहचाना। अमेजन ने अब तक भारत के बाजार में 6.5 अरब डॉलर से अधिक की रकम लगा रखी है। यह ऐसे समय में देश में अपने निवेश को बढ़ा रहे हैं जब यह फर्म ने चीन से अपने नाते तोड़ चुका है। बेजोस ने पिछले साल अपनी भारत यात्रा के दौरान कहा था कि इस देश में कुछ खास है, वह है लोकतंत्र। मैं भविष्यवाणी करता हूं कि 21वीं सदी भारती की सदी बनने जा रही है। गतिशीलता, ऊर्जा हर जगह मैं जहां जाता हूं, मैं ऐसे लोगों से मिलता हूं जो आत्म-सुधार और विकास में काम कर रहे हैं।  

दरअसल, 1.2 ट्रिलियन डॉलर के रिटेल मार्केट में से सिर्फ 7% ही ऑनलाइन हैं। अमेजन, फ्लिपकार्ट और रिलायंस के जियोमार्ट समेत उसके प्रतिद्वंदी आक्रामक तरीके से बाकी 93% बाजार पर नजर गड़ाए हुए हैं। देश में ऑनलाइन कॉमर्स का बाजार 2028 तक 200 अरब डॉलर तक जा सकता है। 

बेजोस की अगुवाई में अमेज़न ने ऑनलाइन रिटेल ही नहीं, बल्कि शिक्षा, डिजिटल पेमेंट्स, वीडियो और म्यूजिक स्ट्रीमिंग, फूड और मेडिसिन की डिलिवरी सहित अन्य बड़े सेक्टर्स में अपने पैर पसारे हैं। इस साल कंपनी ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए JEE (ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन) की तैयारी कर रहे छात्रों को तैयारी करने के लिए अमेजन एकेडमी शुरू की।  

अमेजन के शिक्षा सेक्टर में उतरने से बायजू, अनअकादमी, वेदांतू और पारंपरिक शिक्षा संस्थानों जैसी शीर्ष एडटेक कंपनियों को चुनौती मिलेगी। देश के 180 अरब डॉलर वाला शिक्षा क्षेत्र वक्त के साथ करवट बदल कर ऑनलाइन हो गया है। पिछले साल अमेज़न ने फूड डिलिवरी में प्रवेश किया है। यह स्विगी और अलीबाबा की जोमैटो सहित लोकल प्लेयर्स के साथ सीधी टक्कर लेगा। इसने ऑनलाइन मेडिसिन सेगमेंट में भी प्रवेश किया और अमेजन फार्मेसी लॉन्च की है। यह नेटमेड्स, फार्म इजी और मेडलाइफ सहित लोकल कंपनियों के साथ सीधे टक्कर में आ गई है। 

पिछले साल बेजोस ने घोषणा की थी कि कंपनी ने देश में 1 करोड़ व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को ऑनलाइन लाने में मदद करेगी। इसके लिए 1 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है। फर्म ने यह भी कहा कि उसने टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में निरंतर निवेश के माध्यम से 2025 तक भारत में 10 लाख नौकरियां पैदा करने की योजना बनाई है। 

पिछले साल बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान से बातचीत करते हुए बेजोस ने एक किराना स्टोर में जाने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया था कि वह ऐसे कई सारे किराना स्टोर्स पर रेगुलर बिजनेस करने का एक नया प्लेटफार्म देने जा रहे हैं। बेजोस ने खान को बताया कि उन्होंने किराना स्टोर के नौजवान से बात की जो अपने स्टोर चलाने में अपने पिता की मदद करता है। 

सितंबर 2014 में जब बेजोस भारत आए थे तो उन्होंने यहां के निवेशकों को लुभाने की हर संभव कोशिश की थी। तब एक भारतीय शेरवानी पहने हुए बेजोस एक ट्रक पर खड़े थे। ट्रक पर 2 अरब डॉलर का एक चेक का फोटो था। उस समय अमेज़न इंडिया के चीफ अमित अग्रवाल भी उनके साथ थे। बेजोस ने कहा था कि भारत यात्रा ने उनके अंदर एक जोश भर दिया है। 

अमेजन की इंडिया स्टोरी बेंगलुरु से शुरू होती है। बेजोस के करीबी दोस्त रहे अग्रवाल 2004 में यहां आए और मुट्ठी भर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर्स से शुरुआत की। उन्होंने याद किया कि किस तरह से उनकी टीम बेंगलुरु में एक छोटे से कार्यालय में अपना शुरुआती काम कर रही थी। अग्रवाल ने हाल ही में कहा कि एक ठेठ बेजोड़ बेंगलुरु स्टार्ट-अप की कल्पना कीजिए, जिसने आगे चलकर काफी असर डाला है।  

जेफ बेजोस की भारत यात्रा:  

फरवरी 2012: अमेजन ने Junglee.com के लॉन्च के साथ भारतीय बाजार में शुरुआत की। 

जून 2013: अमेज़ॅन ने भारत में अपनी पहली शॉपिंग वेबसाइट लॉन्च की। 

जुलाई 2014: अमेज़ॅन ने भारत में अतिरिक्त 2 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की। 

जून 2016: बेजोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में 3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की।  

अगस्त 2019: अमेजन ने फ्यूचर रिटेल के फ्यूचर कूपन्स में करीब 1,500 करोड़ रुपए में 49% हिस्सेदारी खरीदी। 

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