अलीबाबा के जैक मा चीन सरकार के सामने झुके

मुंबई– एंट ग्रुप के संस्थापक जैक मा चीन सरकार के सामने झुकने को तैयार दिख रहे हैं। खबर है कि वे चीन के फाइनेंशियल रेगुलेटर के नियमों को मानने को राजी हो गए हैं। एंट ग्रुप रेगुलेटर की रिस्ट्रक्चरिंग की योजना पर मंजूरी दे दी है। चीन के रेगुलेटर के नियमों के तहत रिस्ट्रक्चरिंग का मतलब यह है कि जैक मा की फिनटेक कंपनी एक होल्डिंग कंपनी बन जाएगी। इससे जैक मा की मुसीबतें आसान हो जाएंगी।

जानकारी के मुताबिक, प्लान यह है कि होल्डिंग कंपनी में एंट के सभी व्यवसायों को एक में मिला दिया जाएगा। इसमें टेक्नोलॉजी और पेमेंट प्रोसेसिंग भी शामिल है जो ब्लॉकचेन और फ़ूड डिलीवरी के काम आते हैं। काफी पहले ही यह दावा किया गया था कि एंट ग्रुप प्रस्तावित पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) के मामले में चीनी रेगुलेटर्स के साथ एक समझौते पर पहुंच गई थी। इस रिस्ट्रक्चरिंग के बारे में 11 फ़रवरी को चीन के नए साल की छुट्टी की शुरुआत से पहले घोषणा की जा सकती है।

ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ग्रुप की सहयोगी एंट के पुनर्गठन पर ऐसा कोई भी समझौता जैक मा के व्यापार साम्राज्य पर कार्रवाई निवेशकों की चिंताओं को कम करेगी। जैक मा की मुसीबत तब बढ़ गई थी जब पिछले साल 24 अक्टूबर को उन्होंने चीन के रेगुलेटरी सिस्टम पर कटाक्ष किया था। इसके चलते उनकी कंपनी के 37 अरब डॉलर के दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ को रोक दिया गया था। इसकी दो बाजारों हांगकांग और शंघाई में लिस्टिंग होनी थी।

रेगुलेटर ने अलीबाबा के साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक एंटी-ट्रस्ट जांच शुरू की है। इसके अलावा एंट को अपने व्यापार ढांचे को सुधारने के लिए सख्त नियामक सुपरविजन के तहत लाने की बात कही जा रही है। हमेशा सुर्खियों में बने रहने वाले मा लगभग तीन महीने तक गायब हो गये थे। उनके बारे में तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थी। मामला तब शांत हुआ जब उन्होंने कुछ दिन पहले अपने बारे में 50 सेकंड का वीडियो रिलीज किया।

एंट अभी भी अपने शेयर बाजार की लिस्टिंग की संभावना तलाश रही है। हालांकि यह कब तक होगा और मंजूरी कब तक मिलेगी, इस पर कुछ भी साफ-साफ फिलहाल नहीं कहा जा सकता है। अलीबाबा के हांगकांग में लिस्टेड शेयर बुधवार को 0.4% बढ़त के साथ बंद हुए। कंपनी की तीसरी तिमाही के रिजल्ट में इसके शेयरों की कीमतें काफी गिर गई थीं।

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