अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों पर होगी कार्रवाई

मुंबई– महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन, फ्लिपकॉर्ट और अन्य पर आपराधिक कार्रवाई करने की योजना बनाई है। यह कार्रवाई गुटखा और अन्य सामग्रियों की बिक्री के मामले में की जाएगी।  

दरअसल एक महीने तक चली जांच के बाद राज्य के FDA ने गुटखा, पान मसाला जैसे वेंडर्स के साथ-साथ अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स दिग्गजों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने वाला है। FDA की जांच में पता चला है कि ई-कॉमर्स कंपनी और इसके वेंडर्स पान मसाला, गुटखा और सुगंधित सुपारी बेच रहे हैं।  

FDA ने एक प्रेस बयान में कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों पर पान-गुटखा के जो प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं उनको राज्य में बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में यह सीधे-सीधे गलत काम है। हमने जो जांच की है, उसमें इन प्रतिबंधित प्रोडक्ट को बेचने के मामले में सही सबूत मिले हैं। एफडीए के अधिकारियों ने सबूत इकट्ठा करने के लिए 17 से 28 दिसंबर के बीच ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न वेंडर्स से प्रोडक्ट्स खरीदे। राज्य सरकार ने आम जनमानस के स्वास्थ्य की चिंता के चलते 2012 में गुटखा और अन्य संबंधित उत्पादों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था।  

एफडीए के एक अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद महाराष्ट्र में प्रतिबंधित खाद्य वस्तुओं को बेचने के लिए विक्रेताओं और राज्य सरकार के निषेध आदेश का उल्लंघन करने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की संबंधित धाराओं में छह साल तक की जेल और 5 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। 

उधर दूसरी ओर एक अलग मामले में खाद्य नियामक FSSAI ने मंगलवार को राज्यों के फ़ूड कमिश्नर्स से कहा कि वे मसालों में मिलावट रोकने के लिए प्रभावी अभियान चलाएं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा है कि घरेलू बाजार में मिलावटी मसालों की बिक्री को लेकर मीडिया में खबरें आई हैं।  

FSSAI ने पत्र में कहा कि ऐसी ही एक रिपोर्ट के अनुसार, धनिया पावडर जैसे मसालों में बाजरा और धनिया तने की मिलावट की जा रही है। जबकि हल्दी पावडर में टूटे चावल की मिलावट की जा रही है जिसे पीले रंग के साथ मिलाया जाता है। रेगुलेटर ने राज्यों के खाद्य कमिश्नर्स से कहा कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के तहत थोक बाजारों और मंडियों में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले मसालों जैसे हैल्दी, धनिया, लाल मिर्च पाउडर आदि में मिलावट रोकने के लिए प्रभावी अभियान चलाएं। 

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