रिलायंस कैपिटल की असेट्स खरीदने के लिए 60 कंपनियां रेस में

मुंबई– अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल की संपत्तियों को खरीदने के लिए 60 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इन सभी ने इसके लिए आवेदन किया है। इसमें प्रमुख रूप से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की जीवन बीमा कंपनी SBI लाइफ और अपोलो भी शामिल हैं।  

दरअसल अभी तक 50 कंपनियों ने रिलायंस कैपिटल की संपत्तियों के लिए आवेदन किया था। लेकिन इसमें अब 10 और कंपनियां रेस में आ गई हैं। इस तरह कुल 60 कंपनियां अनिल अंबानी की कंपनी की संपत्तियां खरीदना चाहती हैं। SBI लाइफ और अपोलो इन्हीं दस में शामिल हैं।  

बता दें कि एक 1 दिसंबर को एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट यानी खरीदने में दिलचस्पी की अंतिम तारीख थी। हालांकि बाद में इसे बढ़ाकर 17 दिसंबर कर दिया गया था। इसके लिए SBI कैपिटल मार्केट और JM फाइनेंशियल को सलाहकार नियुक्त किया गया है। इन दोनों के पास 60 आवेदन इसके संबंध में मिले हैं। 

इन कंपनियों में से 8 कंपनियां ऐसी हैं जिन्होंने रिलायंस कैपिटल की पूरी संपत्तियों को खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। यह संपत्तियां जहां हैं जैसे हैं के आधार पर खरीदी जाएंगी। इसमें ओकट्री, जेसी फ्लावर और तमाम असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियां (ARC) भी हैं। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस की 100% हिस्सेदारी रिलायंस कैपिटल के पास है। इस बीमा कंपनी को खरीदने के लिए 18 कंपनियों ने आवेदन किया है। इसमें क्रिसकैप, JC फ्लावर, ब्लैकस्टोन, KKR, CVC कैपिटल और बेन कैपिटल आदि हैं।  

जबकि इसकी जीवन बीमा कंपनी रिलायंस निप्पोन लाइफ इंश्योरेंस को खरीदने के लिए कुल 16 आवेदन मिले हैं। इसमें रिलायंस कैपिटल की हिस्सेदारी 51% है। बाकी की हिस्सेदारी जापान की निप्पोन कंपनी के पास है। आवेदन करने वालों में NIIF, आर्पवुड, डाबर इन्वेस्टमेंट, बंधन बैंक और अन्य असेट मैनेजमेंट कंपनियां हैं।  

रिलायंस सिक्योरिटीज के लिए 8 आवेदन मिले हैं। इसमें बेन कैपिटल, रेलिगेयर ब्रोकिंग, एडलवाइस सिक्योरिटीज और अन्य रिकंस्ट्रक्शन कंपनियां हैं। रिलायंस असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) के लिए कुल 6 आवेदन मिले हैं। इसमें बेन कैपिटल, इंटरनेशनल असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी और अन्य हैं।  

रिलायंस हेल्थ के लिए 8 आवेदन आए हैं। इसमें ब्लैकस्टोन, बेन कैपिटल, आर्पवुड और अन्य ARC हैं। रिलायंस कैपिटल की ICEX और पेटीएम ई कॉमर्स बिजनेस में भी हिस्सेदारी है। इसे भी खरीदने के लिए काफी आवेदन कंपनी को मिले हैं। संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया इसी साल अक्टूबर में शुरू हुई थी। इससे कंपनी अपना कर्ज खत्म करने की योजना बनाई है।  

संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया डिबेंचर होल्डर्स कमिटी द्वारा की जा रही है। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस देश में निजी क्षेत्र में चौथी सबसे बड़ी जनरल बीमा कंपनी है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 4.5% मार्च 2020 में थी। इसका असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 12 हजार 315 करोड़ रुपए है।  

कंपनी का वित्त वर्ष 2020-21 के पहले 6 महीने में कोरोना के समय में डायरेक्ट प्रीमियम 4501 करोड़ रुपए रहा है। इसके पास मजबूत वितरण नेटवर्क है। 134 शाखाएं हैं। इसकी निप्पोन लाइफ निजी क्षेत्र की 10 वीं सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। इसके पास 717 ऑफिस हैं। वित्त वर्ष 2019-20 में इसका फायदा 35 करोड़ रुपए था। इसका क्लेम सेटलमेंट रेशियो 98.1% रहा है। सितंबर 2020 तक इसका असेट अंडर मैनेजमेंट 21 हजार 912 करोड़ रुपए रहा है। इसकी एआरसी कंपनी 1,996 करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो का प्रबंधन करती है।  

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