जनरल इंश्योरेंस कंपनियों ने मोटर बीमा दावे में 35,519 करोड़ रुपए का पेमेंट किया

मुंबई– जनरल इंश्योरेंस कंपनियों ने साल 2018-19 के दौरान कुल 35 हजार 519 करोड़ रुपए का पेमेंट मोटर बीमा के दावे के रूप में किया है। हालांकि इसी दौरान इन कंपनियों ने 64 हजार 522 करोड़ रुपए का प्रीमियम हासिल किया। यह जानकारी इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने दी है। 

अपनी सालाना रिपोर्ट में ब्यूरो ने कहा है कि वित्त वर्ष 2018-19 में दावे के पेमेंट के रूप में 35 हजार 519 करोड़ रुपए बीमा धारकों को दिया गया। इसमें से 18 हजार 262 करोड़ रुपए वाहनों के डैमेज होने और 14 हजार 257 करोड़ रुपए का पेमेंट थर्ड पार्टी देनदारी के रूप में दिया गया। 

रिपोर्ट के मुताबिक मोटर इंश्योरेंस लगातार जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए एक बड़े बिजनेस के रूप में बना हुआ है। समान अवधि में इससे 64 हजार करोड़ से ज्यादा का प्रीमियम मिला है। एक साल पहले की तुलना में 2018-19 में इसमें 9% की बढ़त देखी गई है। 

कुल पॉलिसी और दावों के मामलों में 6 राज्यों के पास 50% हिस्सा है। इसमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली शामिल हैं। देश में अभी भी बड़े पैमाने पर वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। इसमें 2019 में 15 राज्यों में करीबन 57% वाहन ऐसे थे जो बिना बीमा के चल रहे थे। उसके एक साल पहले यह संख्या 60% पर थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक, 2018-19 में औसत डेथ क्लेम सेटलमेंट 9.01 लाख रुपए रहा है। जबकि घायलों के मामले में यह औसत 2.51 लाख रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में यह आंकडा ज्यादा रहा है। सबसे ज्यादा मौत के दावे के मामले में केरल टॉप पर रहा है जहां 12.13 लाख रुपए प्रति मौत पर दावा के रूप में पेमेंट किया गया है। बिहार में मौत पर सबसे कम दावा औसतन हुआ है। यहां प्रति मौत पर 6.12 लाख रुपए दावा रहा है। 

ब्यूरो के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में सभी दावों और रिपोर्ट को इसमें शामिल किया गया है। 2018-19 में थर्ड पार्टी क्लेम के रूप में 3.25 लाख दावे पाए गए। इसमें से करीबन 3.05 लाख दावों को सेटल किया गया। इन दावों पर 14 हजार 257 करोड़ रुपए का पेमेंट किया गया। 

रिपोर्ट कहती है कि दक्षिण भारत और केंद्र शासित प्रदेशों में अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा औसत पेमेंट का रहा है। 2019 में पॉलिसीज की संख्या और कुल प्रीमियम उसके एक साल पहले के स्तर के करीब ही रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, डैमेज होने वाले वाहनों में 69 पर्सेंट खुद के वाहन (कार) रहे हैं। 2 पहिया वाहनों की संख्या 11 पर्सेंट, सामान ढोने वाले वाहनों की संख्या 11 पर्सेंट और यात्री ढोने वाले वाहनों की संख्या 5 पर्सेंट रही है। 

कुल प्रीमियम में निजी कारों का योगदान 43 पर्सेंट, दोपहिया वाहनों का योगदान 12 पर्सेंट और सामान ढोनेवाले वाहनों का योगदान 28 पर्सेंट रहा है। 2018-19 में 72 लाख निजी वाहनों के डैमेज का दावा बीमा कंपनियों को मिला था। इसमें से 60 लाख वाहनों के दावे का पेमेंट किया गया। 

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