हम या तो बिगड़ सकते हैं या हम बेहतर हो सकते हैं। हम बेहतर होने का प्रयास करेंगे- गवर्नर शक्तिकांत दास

मुंबई– भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कमर्शियल और सहकारी बैंक इस साल (वित्त वर्ष 2020 से संबंधित) कोई लाभांश नहीं देंगे। सभी मुनाफे को अपने पास रखेंगे। दास ने इस कैलेंडर साल की अंतिम मॉनिटरी पॉलिसी को पेश करते समय यह बात कही। उम्मीद के मुताबिक उन्होंने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। सभी दरें अपरिवर्तित हैं।  यह तीसरी मीटिंग रही है जिसमें दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।  

गर्वनर दास ने अपनी स्पीच को खत्म करने से पहले प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात की एक लाइन कही। उन्होंने कहा कि “हम या तो बिगड़ सकते हैं या हम बेहतर हो सकते हैं। हम बेहतर होने का प्रयास करेंगे।” उनकी यह महत्वपूर्ण टिप्पणी आज के आर्थिक हालात के बारे में थी। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के बारे में उन्होंने कहा कि अब इसका अनुमान बदल दिया गया है। वित्त वर्ष 2021 में इसमें 7.5% की गिरावट आ सकती है। अक्टूबर में यह अनुमान 9.5% का था। यानी दो महीने में इस अनुमान में 1.5% की कमी की गई है।  

गवर्नर ने कहा कि सप्लाई साइड जो महंगाई का दबाव है, उसे नियंत्रण में लाने के लिए और ज्यादा प्रयास किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट आय से पता चलता है कि डिमांड सुधर रही है और प्रॉफिट के आंकड़े बढ़ रहे हैं। शहरी मांग में और वृद्धि के मद्देनजर ग्रामीण मांग में रिकवरी और अधिक होने की संभावना है।  

दास ने प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वित्तीय क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने के लिए जो भी आवश्यक कदम है, उसे अवश्य उठाया जायेगा। उन्होंने कहा कि निकट अवधि की स्थिरता (Near-term stability) को संभाल लिया गया है। साथ ही बांड जारी किये जाने से मजबूत क्रेडिट रेटिंग में और सुधार हुआ है।  

दास ने कहा कि जो संस्थाएं रेगुलेशन के दायरे में हैं उनके लिए RBI ने डिजिटल पेमेंट सिक्योरिटी कंट्रोल का निर्देश जारी करने का प्रस्ताव रखा है। बता दें कि गुरुवार को ही देश के दो सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और एचडीएफसी बैंक (HDFC bank) की डिजिटल सेवा की दिक्कतें सामने आई थी। एचडीएफसी बैंक को कोई भी नई डिजिटल सेवा लांच करने पर रोक लगा दी गई है। एसबीआई की योनो की डिजिटल सेवा कल ठप हो गई थी।  

ग्राहकों की शिकायतों के बेहतर डिस्क्लोजर, समाधान में किसी भी प्रकार की देरी के लिए मौद्रिक मुआवजे (monetary compensation) के लिए एक विस्तृत व्यवस्था की भी घोषणा की गई है। दास ने कहा कि प्रस्तावित डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देशों को शीघ्र ही सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। कोरोना पर उन्होंने कहा कि कुछ जगह कोरोना संक्रमण में वृद्धि हो रही है लेकिन सकारात्मक आर्थिक स्थितियां उन पर हावी हो रही हैं।

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