अगले साल गर्मी में जेट एयरवेज शुरू कर सकती है उड़ान

मुंबई– जेट एयरवेज अगले साल गर्मी में फिर एक बार अपनी उड़ान शुरू कर सकती है। शुरुआत में ही यह अपनी पूरी सेवा शुरू करेगी। इसके जरिए कंपनी यूरोपियन और पश्चिमी एशियाई शहरों को दिल्ली, मुंबई और बंगलुरू से कनेक्ट करेगी। कैलरॉक कैपिटल-मुरारी लाल जालान के कंसोर्टियम ने इस तरह की जानकारी दी है।  

जानकारी के मुताबिक, जेट एयरवेज के नए मालिक कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड रखेंगे। बता दें कि जेट एयरवेज अप्रैल 2019 में बंद हो गई थी। भारी घाटे और कर्ज के कारण इसे बंद किया गया था। उस समय कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल को 500 करोड़ रुपए की जरूरत थी, पर वे इसे जुटा नहीं पाए। हालात यह हो गई कि कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्च भी नहीं निकल पा रहे थे।  

इसी के बाद जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने नरेश गोयल को कंपनी के बोर्ड से हटा दिया। नए कंसोर्टियम के रिजोल्यूशन प्लान को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में 5 नवंबर को सौंपा गया है। NCLT की ओर से मंजूरी मिलने के बाद रिजोल्यूशन प्लान को सिविल एविएशन मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। उसके बाद इसे सिविल एविएशन डायरेक्टरेट (DGCA) के पास भेजा जाएगा। 

बता दें कि नए कंसोर्टियम ने 1,000 करोड़ रुपए का बिड किया था, जिसके बाद उसे जेट एयरवेज को दे दिया गया। हालांकि अन्य पार्टी एफएसटीसी, बिग चार्टर और इंपीरियल कैपिटल ने भी जेट के लिए ऑफर किया था, पर उन कंपनियों का ऑफर प्राइस काफी कम था। 3 नवंबर को कैलरॉक कैपिटल- मुरारी लाल जालान कंसोर्टियम ने 150 करोड़ रुपए के परफार्मेंस सिक्योरिटीज बांड को सबमिट किया था। 

बता दें कि साल 2019 में जेट एयरवेज बंद होने के बाद इसके करीब 17 हजार कर्मचारी सड़कों पर आ गए थे। जेट के बेड़े में एक समय 120 विमान थे, जो इसके बंद होने के समय सिर्फ 16 रह गए थे। फंड की समस्या की वजह से कंपनी को संचालन बंद करना पड़ा। कंपनी जून 2019 में कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत चली गई। इसका घाटा मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष में बढ़कर 5,535.75 करोड़ रुपए हो गया। 

1967 में नरेश गोयल 18 वर्ष की उम्र में पटियाला से दिल्ली पहुंचे और चचेरे नाना की ट्रैवल एजेंसी में नौकरी की। 1974 में खुद की ट्रैवल एजेंसी खोली। बाद में इसका नाम जेट एयर रखा। 1993 में दो विमानों, बोइंग 737 और बोइंग 300 के साथ जेट एयरवेज की लॉन्चिंग। तब जेट ने ऊंची उड़ान भरी जब ज्यादातर प्राइवेट कंपनियां दिवालिया होकर धराशायी हो रही थीं। 2005 में मार्च महीने में जेट की शेयर बाजार में लिस्टिंग कराई गई और कंपनी के 20% शेयर बेचे। 1,100 रुपए का शेयर 1,155 रुपए में लिस्ट हुआ। 2006 में जनवरी में एयर सहारा को करीब 2,250 करोड़ रुपए में खरीदा। जेट को 27 विमान मिले जिनके दम पर उसे 12% मार्केट शेयर प्राप्त हुआ।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *