आप यूपीआई से करते हैं लेन-देन तो जानिए इसके बारे में

यूपीआई क्या है  

UPI (यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस) पेमेंट का एक अनोखा सिस्टम है। इसकी मदद से आप अपने बैंक अकाउंट को मोबाइल एप्लीकेशन से लिंक करके सुरक्षित ट्रांजेक्शंस कर सकते हैं। पैसे ट्रांसफ़र करने से लेकर मर्चंट्स को पेमेंट करने तक, ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर यूटिलिटी बिल्स के पेमेंट तक बहुत ही आसान, सुरक्षित और जल्दी आप इससे काम कर पाते हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इसे शुरू किया था।

कैसे यूपीआई को शुरू करें  

UPI की सेवा लेने के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है। इसके बाद इसे आपको अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होता है। इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती।

क्या यह 24 घंटे 365 दिन काम करता है 

हां, कहीं भी किसी भी समय आप इसकी मदद से पैसे भेज सकते हैं। यह इमिडिएट पेमेंट सर्विस सिस्टम (IMPS) पर आधारित है। इसका इस्तेमाल नेट बैंकिंग एप्स को मोबाइल पर इस्तेमाल करते वक्त किया जा सकता है।

यह दूसरे पेमेंट सिस्टम से कैसे अलग है  

मान लीजिए आप किसी को बैंक में पैसा भेजना चाहते हैं। तो आपको पहले बैंक ऐप खोलना होगा, फिर लॉग इन करना होगा। उसके बाद जिसे पैसा भेजना है, उसका अकाउंट जोड़ना होगा। इसमें आईएफसी कोड, नाम और अन्य डिटेल्स चाहिए। फिर कुछ समय तक आपको इंतजार करना होगा। इसके बाद आप पैसा भेज पाते हैं। पर यूपीआई में बस आपको उस व्यक्ति की यूपीआई आईडी डालनी होगी जिसे पैसा भेजना है। इसके अलावा कोई डिटेल्स नहीं चाहिए। आप किसी भी बैंक का यूपीआई ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।

प्रमुख विशेषताएं  

हर पेमेंट को अधिकृत करने के लिए एम-पिन (मोबाइल पिन) की जरूरत होती है। बिना इंटरनेट कनेक्शन वाले फोन में 99# डायल कर भी सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। एक मोबाइल एप्लीकेशन से कई बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन किया जा सकता है।

UPI कितना सुरक्षित है?  

डिजिटल पेमेंट का यह इंटरफेस 2 तरह से ऑथेन्टिफिकेशन करता है। इसके बाद ही सिंगल क्लिक से आप किसी को पेमेंट कर सकते हैं।यहां वन टाइम पासवर्ड की जगह पिन का इस्तेमाल किया जाता है।

किसके नियंत्रण में ये काम करता है। इसका नियंत्रण भारतीय रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक एसोसिएशन के हाथ में है।भीम UPI इनेबल ऐपको रजिस्टर करना बहुत ही आसान है, जिसे ऐप स्टोर याप्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

सुरक्षा 

यहां सुरक्षा के दो चरण होते हैं- मोबाइल डिवाइस पिन और UPI, जो आपको धोखाधड़ी वाले ट्रांज़ेक्शन से बचाता है और आपकी जानकारियों को सुरक्षित रखता है। 

यूपीआई का उपयोग  

पीयर टू पीयर, बिल पेमेंट, किराना स्टोर, ऑनलाइन शॉपिंग, फास्टैग रिचार्ज, ट्रैवल बुकिंग 

यूपीआई से कुल 21 थर्ड पार्टी जुड़े हैं।  

गूगल पे, अमेजन पे, फोनपे, बजाज फिनसर्व, एंजल ब्रोकिंग, जस्ट डायल, मेक माई ट्रिप, मोबिक्विक, मुद्रा पे, सेमसंग पे, ट्रू कॉलर 

ट्रांजेक्शन की डिटेल्स 

अक्टूबर में 189 बैंक यूपीआई पर लाइव हैं। इनका वोल्यूम 207.1 करोड़ जबकि इसकी रकम 3.86 लाख करोड़ रुपए रही है। एक साल पहले यह आंकड़ा अक्टूबर 2019 में कुल 141 बैंक लाइव थे। 114.8 करोड़ वोल्यूम और 1.91 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था। अक्टूबर 2016 में महज 26 बैंक लाइव थे। 0.10 करोड़ वोल्यूम था। 48.57 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था।

डाटा शेयरिंग 

यूपीआई किसी का पर्सनल डाटा किसी को शेयर नहीं करता है। जो भी डाटा आता है वह इसके पास ही स्टोर होता है। इसके पास जो डाटा है, वह सिर्फ इसी के पास रहता है।   

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