शिक्षकों का भविष्य तैयार करने के लिए पहली बार नॉलेज एल’एवेनिर कॉन्क्लेव का आयोजन

मुंबई- टेक अवंत-गार्डे ने माइक्रोसॉफ्ट, नॉलेज की फाउंडेशन, लीसी कॉर्प, एफीअनलाइन और रोशीनी सोशल स्कूलिंग के सहयोग से पहले नॉलेज एल ‘एवेनिर कॉन्क्लेव वेबिनार का आयोजित करने का फैसला किया है। यह कॉन्क्लेव वेबिनार टेक अवंत-गार्डे के “डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड होलिस्टिक लर्निंग” प्रोग्राम का हिस्सा हैं, जिसने स्कूल की चार दीवारों को कनेक्टेड लर्निंग कम्युनिटी में बदल दिया गया है। यह भव्य शिक्षा प्रदर्शनी 12 सप्ताह तक चलेगी और 3,000 से अधिक शिक्षक अपने डिजिटल शिक्षण कौशल का प्रदर्शन करेंगे और 1.5 लाख से अधिक शिक्षक भाग लेंगे। 

इसके जरिए 7.6 करोड़ की छात्र-शिक्षक आबादी वाले भारत भर में 72,000 से अधिक स्कूलों को डिजिटल रूप ढाल लेने लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें भाग लेने वाले स्कूलों में से कुछ प्रमुख नाम अलीगढ़ ब्लोसम स्कूल- बेंगलुरु, टीसीआईएस-सरजापुर, टीसीआईएस-व्हाइटफील्ड, बीजीएस वर्ल्ड स्कूल, ग्रीन फील्ड स्कूल, वेंकट इंटरनेशनल स्कूल, होसुर- लिटेरा वैली ज़ी स्कूल, एमएमएस-राइस हैदराबाद, ऑक्सफोर्ड ग्रामर, श्री अरबिंदो इंटरनेशनल- कानपुर, हुडर्ड स्कूल, डॉ. वीरेंदर स्वरूप एजूकेशन सेंटर, पुणे-ओरबिस मूंडवा और ठाणे-आर्य गुरुकुल जैसे अन्य प्रतिष्ठित स्कूल शामिल हैं. 

प्रियदर्शनी अकादमी के चेयरमैन एमेरिटस नानिक रूपानी इस सम्मेलन में सम्मानित अतिथि होंगे। टेक अवंत-गार्डे के सीईओ अली सैत ने कहा, आज की दुनिया में जहां ज्ञान सबसे बड़ी संपत्ति है, वहां सूचना से भरपूर, प्रौद्योगिकी-संवर्धित, कनेक्टेड लर्निंग का माहौल प्रदान कर छात्रों, शिक्षकों, माता-पिता, स्कूलों और पूरे समुदायों को अनवरत सीख हासिल करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड होलिस्टिक लर्निंग’ प्रोग्राम ने स्कूल मैनेजमेंट, शिक्षकों, माता-पिता और छात्रों के हमारे प्रशिक्षण के माध्यम से कनेक्टेड लर्निंग कम्युनिटी का निर्माण करने में मदद की है। उन्होंने कहा, “नॉलेज एल’एवेनिर कॉन्क्लेव वेबिनार शिक्षकों को शिक्षण बिरादरी और बड़े पैमाने पर समुदाय की उपस्थिति में अपने डिजिटल शिक्षण कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर देगा।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन्हें आत्मविश्वास और वे खुद को बेहतर बनाने हेतु प्रोत्साहन मिलेगा। ये वेबिनार शिक्षा को नए सिरे से परिभाषित करेंगे और शिक्षकों को एम्पावर करेंगे। पहचान अर्थात आइडेंटिटी देने के सिवा और कोई दूसरा बड़ा कार्य नहीं है। इससे सबसे बड़ी शिक्षा फ्यूचर एजुकेशन, 21वीं सदी का शिक्षाशास्त्र और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के रूप में परिलक्षित होगा। 

सहभागियों को डिजिटल शिक्षण पर बहुमूल्य जानकारियां मिलेगी और इससे उन्हें शिक्षण कौशल को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नॉलेज एल’एवेनिर कॉन्क्लेव में सिर्फ आमंत्रित लोग ही भागीदारी कर पाएंगे। प्रत्येक आमंत्रित स्कूल को अपने डिजिटल शिक्षण कौशल का प्रदर्शन करने के लिए वेबिनार में प्रस्तुति करने के लिए शिक्षकों को एनरोल करने की अनुमति है।

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