राम मंदिर का निर्माण शुरू होते ही अयोध्या में होटल खोलने की संभावनाओं की तलाश शुरू, कई होटल कंपनियां तैयारी में

मुंबई– राम मंदिर के निर्माण कार्य के शुरू होते ही अयोध्या में अब बिजनेस की गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। हालांकि यह अभी बहुत शुरुआती चरण में है। खबर है कि देश के प्रमुख होटल ब्रांड यहां पर टूरिज्म और धार्मिक स्थल के रूप में संभावित डेस्टिनेशन को देखते हुए अभी से इसका जायजा ले रहे हैं। इस संबंध में कुछ प्रमुख होटल ग्रुप यहां सरकार के साथ बात भी कर रहे हैं।  

सूत्रों के मुताबिक यूरोप के अग्रणी होटल समूह में से एक एकॉर और रेडिसन होटल ने ने यहां पर संभावनाओं को तलाशना शुरू कर दिया है। एकॉर भारत में पहले से ही कई होटलों के साथ साझेदारी कर बिजनेस कर रहा है। हालांकि अयोध्या में अभी इस तरह के बड़े ग्रुप वाले होटल नहीं हैं। यहां पर फिलहाल छोटे मोटे होटल हैं और काफी धर्मशाला भी हैं। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश प्रशासन को इस संबंध में कई होटल ग्रुप ने संपर्क किया है। माना जा रहा है कि टॉप होटल ब्रांड्स ने यहां दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए सरकार आनेवाले समय में करीबन 600 एकड़ जमीन को होटल, रेस्टॉरेंट और शॉपिंग मॉल के लिए दे सकती है।  

वैसे बता दें कि अयोध्या में भव्य राम मंदिरा का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उदघाटन के बाद इसे शुरू किया गया है। संभावना है कि यह अगले 3-4 साल में बन कर तैयार होगा। अरबों रुपए के खर्च से यह मंदिर बनेगा। दरअसल अयोध्या में अब केवल इस मंदिर तक की बात नहीं है। अयोध्या को मंदिर के साथ-साथ एक टूरिस्ट प्लेस और धार्मिक स्थल के रूप में डेवलप करने की योजना यूपी सरकार की है। 

अगले तीन -चार सालों में अयोध्या का पूरा नक्शा बदलनेवाला है। क्योंकि यहां से आस पास के पूरे इलाके मंदिरों वाले होंगे और इससे यहां दुनिया भर से पर्यटकों की आवाजाही शुरू होगी। ऐसे में यहां होटल, रेस्टोरेंट और सिनेमाघरों के साथ -साथ शॉपिंग मॉल के लिए भी एक बेहतर संभावना दिख रही है। जिस तरह बनारस में मंदिरों और आरती के लिए दुनिया भर से पर्यटक आते हैं, उसी तरह से अयोध्या के लिए भी संभावना बन रही है। हालांकि अयोध्या अब एक नए सिरे से मंदिरों के लिए डेवलप होगा और इसके लिए आस पास के इलाकों को भी डेवलप किया जाएगा ताकि इसे एक टूरिस्ट बिजनेस के रूप में भी लोगों की आमदनी हो सके।  

वैसे अयोध्या के लिए फिलहाल लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी जैसे एयरपोर्ट हैं। लखनऊ की दूरी यहां से 134 किलोमीटर है तो प्रयागराज की 166 और वाराणसी की 209 किलोमीटर दूरी है। प्रयागराज और लखनऊ एयरपोर्ट पर अगले कुछ समय में हवाई यातायात की मांग बढ़ेगी। इसलिए एयरलाइंस कंपनियां यहां अपनी सेवाएं बढ़ा सकती हैं। वैसे यहां से गोरखपुर की दूरी 132 किलोमीटर है इसलिए बिहार, नेपाल जैसे इलाके से भी लोग यहां पर रोड के जरिए आ सकेंगे। गोंडा यहां से 51 किलोमीटर है।  

फिलहाल यहां मंदिरों के दर्शन के लिए राम की पैड़ी है जहां घाटों की लंबी सिरीज है। यह सरयू नदी तक है। हनुमानगढ़ी, बिरला टेंपल, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर, देवकाली आदि भी इसी परिसर में हैं। बता दें कि राम मंदिर के निर्माण पर करीबन 300 करोड़ रुपए खर्च किया जाएगा। जबकि यहां मंदिर के आस-पास के परिसर को डेवलप करने के लिए करीबन 1000 करोड़ रुपए के खर्च करने का अनुमान है। इसमें मंदिर परिसर के आस पास की करीबन 20 एकड़ जगह डेवलप होगी।  

उधर मंदिर का रास्ता साफ होने के बाद उत्तर प्रदेश के योगी सरकार की योजना राम के स्टेच्यू को डेवलप करने की है। यह योजना हालांकि पुरानी है, पर अब मामला स्पष्ट होने के बाद इसे डेवलप किया जा सकता है। इस स्टेच्यू को 100 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा जो सरयू नदी के पास होगा। यह लखनऊ-गोरखपुर नेशनल हाइवे से जुड़ी जमीन के साथ होगा। राम मंदिर के अलावा यह एक और लैंडमार्क अयोध्या के लिए होगा। पिछले साल नवंबर में यूपी सरकार की कैबिनेट ने 447 करोड़ रुपए को मंजूरी दी थी ताकि वहां की 61 हेक्टेयर्स जमीन को खरीदा जा सके। इससे पहले सरकार ने 200 करोड़ रुपए की मंजूरी स्टेच्यू के लिए दी थी। 

इस तरह से अगले तीन-चार सालों में अयोध्या और इसके आस पास के इलाकों को धार्मिक और टूरिस्ट के लिहाज से डेवलप किया जाएगा। इसकी वजह से यहां होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग माल सहित अन्य बिजनेस की काफी मांग बढ़ेगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *