एजीआर से संबंधित किसी भी देनदारी की रिकवरी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सपोर्ट करेगी सरकार

मुंबई-एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) से संबंधित किसी भी देनदारी की रिकवरी में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा सरकार उसका सपोर्ट करेगी। यह बात सरकार के सॉलीसीटर ने कोर्ट में कही। टेलीकॉम कंपनियों के बकाए एजीआर को लेकर आज सुनवाई चल रही है। 

सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा स्पेक्ट्रम को कभी भी आईबीसी के दायरे में नहीं माना गया। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने वैल्यू बढ़ाने के लिए स्पेक्ट्रम बेचने की अनुमति मांगी लेकिन इस मामले में टेलीकॉम डिपार्टमेंट की राय अलग है। आरकॉम के रेज्योलूशन प्लान को अभी मंजूरी नहीं मिल पाई है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हमने मार्च 2019 में आरकॉम को कारण बताओ नोटिस जारी किया था कि बकाया ना चुकाने पर क्यों ना उससे स्पेक्ट्रम वापस ले लिया जाए। हम चाहते हैं कि स्पेक्ट्रम के बकाया पर आरकॉम से हर साल पेमेंट लिया जाए। कॉन्ट्रैक्ट के तहत टेलीकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल की अनुमति है लेकिन ओनरशिप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आईबीसी के तहत स्पेक्ट्रम को एसेट्स नहीं माना गया है। स्पेक्ट्रम पर सरकार का ही मालिकाना हक रहेगा।

सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इनसॉल्वेंसी में गईं कंपनियों की मदद वाली थर्ड पार्टी के एसेट्स नहीं बेचे जाएंगे। स्पेक्ट्रम को आईबीसी के तहत नहीं बेचा जा सकता। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आईबीसी के तहत स्पेक्ट्रम बेचे जाने के मुद्दे पर टेलीकॉम डिपार्टमेंट का नजरिया इस मामले में कंपनी मामलों के मंत्रालय से बिल्कुल अलग है। बता दें कि वोडाफोन आइडिया पर एजीआर का कुल 50,399 करोड़ रुपए, भारती एयरटेल का 25,976 करोड़ रुपया बकाया है।वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज की मांग है कि एजीआर की रकम अदा करने के लिए कम से कम 15 वर्षों का समय दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को टेलीकॉम कंपनियों के बकाया एजीआर पर सुनवाई शुरू की। ऑरकॉम के रेज्योलूशन प्रोफेशनल्स ने एरिक्सन के साथ सेटलमेंट होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट को ऑरकॉम के आईबीसी की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। एरिक्सन ने आईबीसी की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान 1600 करोड़ रुपए बकाए की मांग की थी लेकिन 570 करोड़ रुपए पर मामला सेटलमेंट हुआ।

ऑरकॉम के रेज्योलूशन प्रोफेशनल्स ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 2018-2019 में बैंक और आरकॉम इनसॉल्वेंसी से बचने के लिए कंपनी बेचना चाहते थे। लेकिन आरकॉम बिक नहीं पाई। इसके बाद आईबीसी में आने का ही विकल्प था। ऑरकॉम के रेज्योलूशन प्रोफेशनल्स ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ऑरकॉम की सही वैल्यू 10,200 करोड़ रुपए है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आईबीसी से पहले जियो को प्रस्तावित बिक्री के दौरान आरकॉम का दावा था कि उसके एसेट्स की वैल्यू 35,000 करोड़ रुपए है। हम यह जानना चाहते हैं कि एसेट्स कहां चले गए? एसेट्स की वैल्यू में इतनी ज्यादा गिरावट कैसे आई?

ऑरकॉम के रेज्योलूशन प्रोफेशनल्स ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, भारती एयरटेल सहित 141 पार्टियों ने आरकॉम के लिए संपर्क किया है। ऑरकॉम के रेज्योलूशन प्रोफेशनल्स ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, कि स्पेक्ट्रम की अनुमानित वैल्यू 6500 करोड़ रुपए से लेकर 7400 करोड़ रुपए के बीच है। ऑरकॉम के रेज्योलूशन प्रोफेशनल्स ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि एआरसी बैंकों को ज़ीरो कूपन बॉन्ड जारी करेगा जिसे अगले 5 साल में भुनाया जा सकता है। बैंकों को 15,140 करोड़ रुपए का बॉन्ड जारी किया जाएगा।

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