200 अरब डॉलर की कंपनी बनने के करीब है आरआईएल, महंगे वैल्यूएशन के बाद भी रिलायंस का शेयर बढ़ेगा

मुंबई– पिछले कुछ दिनों तक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में मंगलवार को एक बार फिर तेजी दिखी। आरआईएल का शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ कर 2,151 रुपए पर बीएसई पर बंद हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि महंगा होने के बावजूद यह शेयर आगे और बढ़ेगा। इससे इसका मार्केट वैल्यूएशन 200 अरब डॉलर को पार सकता है।   

आरआईएल के शेयरों में बढ़त से बीएसई ने भी 743 अंकों की बढ़त हासिल की। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 148 लाख करोड़ रुपए से ऊपर चला गया। उधर रिलायंस का मार्केट कैपिटलाइजेशन भी 13.63 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसके राइट्स इश्यू के शेयरों के मार्केट कैपिटलाइजेशन को जोड़ दें तो इसका कुल वैल्यूएशन 182 अरब डॉलर हो जाता है। ऐसे में इसे 200 अरब डॉलर के लिए 20 अरब डॉलर की और जरूरत होगी। 

बीएसई के मार्केट कैपिटलाइजेशन में रिलायंस इंडस्ट्रीज का हिस्सा 9 प्रतिशत के करीब है। हालांकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में इसका वेटेज 14 प्रतिशत हो गया है। ब्रोकरेज हाउस इस बात से चिंतित जरूर हैं कि रिलायंस का वैल्यूएशन महंगा है। पर वे इसमें आगे और तेजी की उम्मीद भी किए हैं। उनकी उम्मीद यह भी है कि बीएसई में आरआईएल की हिस्सेदारी और बढ़ेगी।  

आरआईएल के एंटाइटलमेंट शेयरों यानी राइट्स इश्यू के शेयरों की बात करें तो इसका भी मार्केट कैपिटलाइजेशन (एमकैप) 50 हजार करोड़ रुपए से ऊपर है। इस तरह दोनों कंपनियों का एम कैप 14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। राइट्स इश्यू का शेयर जून में लिस्ट हुआ था और इसने अब तक अच्छा रिटर्न निवेशकों को दिया है।  

आंकड़े बताते हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2009 दिसंबर से 2016 के बीच चार गुना बढ़ा था। उस समय रिलायंस की हिस्सेदारी बीएसई के मार्केट कैप में महज 3 प्रतिशत थी। हाल में जियो की हिस्सेदारी बेचकर जुटाए गए फंड की वजह से इसके शेयरों में तेजी बनी हुई है। इससे इसकी हिस्सेदारी अब तीन गुना बढ़कर 9 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह उस समय निफ्टी में इसका वेटेज 5.2 प्रतिशत था जो अब करीबन तीन गुना बढ़कर 14 प्रतिशत हो गया है।  

के. आर. चौकसी के एमडी देवेन चौकसी कहते हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का हालिया रिजल्ट बहुत बेहतरीन रहा है। तमाम अनुमानों को इसने झूठा साबित किया है। आगे चलकर जियो और रिटेल के बिजनेस को हम तेजी से बढ़ते हुए देख सकते हैं। ऐसे में शेयरों की कीमतें और कंपनी की वैल्यूएशन एक नए स्तर पर होगी।  

आरआईएल का डॉलर में मार्केट कैप देखें तो यह 182 अरब डॉलर था। अगले कुछ समय में यह 200 अरब डॉलर को पार करने की क्षमता रखता है। सीएलएसए ने अनुमान जताया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन मार्च 2022 तक 220 अरब डॉलर हो सकता है। इसके कारोबार में लंबे समय तक मजबूती और अन्य फैक्टर्स से इसके वैल्यूएशन में वृद्धि दिखेगी।  

मोर्गन स्टैनली ने तेजी के माहौल में 200 अरब डॉलर के वैल्यूएशन की उम्मीद रखी है। अगर इसकी ग्रॉस रिफाइनरी मार्जिन 11 डॉलर प्रति बैरल होती है, जियो की प्रति ग्राहक कमाई 220 रुपए होती है तो शेयर ऐसी स्थिति में 2,175 रुपए से 2,222 रुपए तक जा सकता है। ऐसी स्थिति में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन आसानी से 200 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। विश्लेषक कहते हैं कि अगले 3 से 5 सालों में कंपनी की सीएजीआर वृद्धि दर डिजिटल और रिटेल से अच्छी रहेगी। ऐसे मे शेयर 2,500 रुपए तक जा सकता है। इस स्तर पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण 210 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है।  

पिछले कुछ सालों में कंपनी की पोजीशन अच्छी रही है। अनुमान है कि यह 2020-2025 के दौरान तेजी से बढ़ेगी। इसका इबिट्डा इस दौरान 30 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। ऐसे में शेयर का भाव 2,300 रुपए से ऊपर जा सकता है। इस स्थिति में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 220 अरब डॉलर तक जा सकता है।      

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