सेबी ने सनगोल्ड कैपिटल के शेयरों को खरीदने के मामले में 5 लोगों को ओपन ऑफर लाने का आदेश दिया

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सनगोल्ड कैपिटल के शेयरों को खरीदने के मामले में पांच लोगों को ओपन ऑफर लाने का आदेश दिया है। बुधवार को सेबी ने कहा कि कोरोना के कारण लॉकडाउन से यह ऑर्डर 31 जुलाई से लागू होगा। अगर लॉकडाउन और आगे बढ़ता है तो फिर इस ऑर्डर को भी बढ़ाया जाएगा।

किसी कंपनी में तय नियमों से ज्यादा हिस्सा खरीदने पर ओपन ऑफर लाना होता है

सेबी के नियमों के मुताबिक अगर तय नियमों से ज्यादा किसी कंपनी में कोई दूसरी कंपनी शेयरों की खरीदी करती है तो उसे ओपन ऑफर लाना होता है। यह ओपन ऑफर शेयरधारकों के लिए लाया जाता है। सेबी ने कहा है कि ऑर्डर जारी होने से 45 दिनों के अंदर यह ओपन ऑफर लाना होगा। हालांकि इसे लॉकडाउन के समय की छूट मिलेगी। इन पांच लोगों में राजीव कोटिया और उनके रिश्तेदार शिल्पा कोटिया, श्वेता कोटिया, धवल कोटिया और रवि कोटिया शामिल हैं।

अप्रैल 2007 में हिस्सेदारी बढ़ाई गई

सेबी के आदेश के मुताबिक जांच के दौरान पाया गया कि राजीव कोटिया की सनगोल्ड कैपिटल में शेयर होल्डिंग अप्रैल 2007 में 11.96 प्रतिशत से बढ़कर 15.23 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। हालांकि कोटिया ने इसका डिस्क्लोजर भी नहीं किया था। इसके साथ जांच में यह भी पाया गया कि शिल्पा कोटिया, श्वेता कोटिया, धवल कोटिया और रवि कोटिया ने सामूहिक रूप से 22.39 प्रतिशत हिस्सेदारी सितंबर 2007 में सनगोल्ड कैपिटल में खरीदी। लेकिन इस मामले में कोई ओपन ऑफर नहीं लाया गया।

कई अवसरों पर पब्लिक अनाउंसमेंट करने में फेल रहे

सेबी के मुताबिक उपरोक्त लोग कई अवसरों पर पब्लिक अनाउंसमेंट करने में फेल रहे। इन लोगों ने 2007-08 में सनगोल्ड कैपिटल के शेयरों की खरीदी की थी। इस कारण इन लोगों ने सेबी के नियमों का उल्लंघन किया। राजीव कोटिया और अन्य लोगों को सामूहिक रूप से ओपन ऑफर लाना चाहिए था, पर यह सभी लोग इसमें फेल रहे। सेबी ने यह भी आदेश दिया कि इन लोगों को सालाना 10 प्रतिशत के ब्याज के हिसाब से ओपन ऑफर का ऑफर प्राइस रखना होगा।  

प्रतिभूति मामलों में अपीलों की सुनवाई करने वाले प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने सेबी को कोरोना की महामारी के बीच में एक पूर्व-पक्षीय आदेश (ex-parte order) पास करने पर लताड़ लगाई है। सेबी ने कथित इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए बेंगलुरु स्थित एक आईटी फर्म के एम.डी. के खिलाफ 15 जून को यह आदेश पास किया था।

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